देश विरोधी मानसिकता को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त- पीएम मोदी

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असम के कोकराझार पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उन हज़ारों शहीदों को याद करने का है, जिन्होंने देश के लिए अपने कर्तव्य पथ पर जीवन बलिदान किया। आज का दिन बोडो समुदाय के बीच हुए समझौते के लिए बहुत सकारात्मक भूमिका निभाने वाले ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन, नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड से जुड़े तमाम युवा साथियों, बीटीसी के चीफ श्रीहगरामामाहीलारे और असम सरकार की प्रतिबद्धता को अभिनंदन करने का है। उन्होंने कहा कि आज का दिन असम सहित पूरे नॉर्थईस्ट के लिए 21वीं सदी में एक नई शुरुआत, एक नए सवेरे का, नई प्रेरणा को वेलकम करने का है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही, लोकतंत्र को स्वीकार किया है, भारत के संविधान को स्वीकार किया है। मैं बोडो लैंड मूवमेंट का हिस्सा रहे सभी लोगों का राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल होने पर स्वागत करता हूं। पाँच दशक बाद पूरे सौहार्द के साथ बोडो लैंड मूवमेंट से जुड़े हर साथी की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को सम्मान मिला है। अब केंद्र सरकार, असम सरकार और बोडो आंदोलन से जुड़े संगठनों ने जिस ऐतिहासिक अकॉर्डपर सहमति जताई है, जिस पर साइन किया है, उसके बाद अब कोई मांग नहीं बची है और अब विकास ही पहली प्राथमिकता है और आखिरी भी। इस अकॉर्डका लाभ बोडो जनजाति के साथियों के साथ ही दूसरे समाज के लोगों को भी होगा। क्योंकि इस समझौते के तहत बोडो टैरिटोरियल काउंसिल के अधिकारों का दायरा बढ़ाया गया है, अधिक सशक्त किया गया है। अकॉर्ड के तहत बीटीएडी में आने वाले क्षेत्र की सीमा तय करने के लिए कमीशन भी बनाया जाएगा। इस क्षेत्र को 1500 करोड़ रुपए का स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज मिलेगा, जिसका बहुत बड़ा लाभ कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदालगुड़ि जैसे जिलों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज जब बोडो क्षेत्र में, नई उम्मीदों, नए सपनों, नए हौसले का संचार हुआ है, तो आप सभी की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मुझे पूरा विश्वास है कि बोडो टेरीटोरियल कौंसिल अब यहां के हर समाज को साथ लेकर, विकास का एक नया मॉडल विकसित करेगी। बोडो टेरिटोरियल काउंसिल, असम सरकार और केंद्र सरकार, अब साथ मिलकर, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को नया आयाम देंगे। इससे असम भी सशक्त होगा और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना भी और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के सामने कितनी ही चुनौतियां रही हैं जिन्हें कभी राजनीतिक वजहों से, कभी सामाजिक वजहों से, नजरअंदाज किया जाता रहा है। इन चुनौतियों ने देश के भीतर अलग-अलग क्षेत्रों में हिंसा और अस्थिरता को बढ़ावा दिया है। हमने नॉर्थईस्ट के अलग-अलग क्षेत्रों के भावनात्मक पहलू को समझा, उनकी उम्मीदों को समझा, यहां रह रहे लोगों से बहुत अपनत्व के साथ, उन्हें अपना मानते हुए संवाद कायम किया। उन्होंने कहा कि मैं आज असम के हर साथी को ये आश्वस्त करने आया हूं, कि असम विरोधी, देश विरोधी हर मानसिकता को, इसके समर्थकों को,देश न बर्दाश्त करेगा, न माफ करेगा। यही ताकतें हैं जो पूरी ताकत से असम और नॉर्थईस्ट में भी अफवाहें फैला रही हैं, कि सीएए से यहां, बाहर के लोग आ जाएंगे, बाहर से लोग आकर बस जाएंगे। मैं असम के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि ऐसा भी कुछ नहीं होगा। आप अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखें, अपने इस साथी पर विश्वास रखें और मां कामाख्या की कृपा पर विश्वास रखें। मां कामाख्या की आस्था और आशीर्वाद हमें विकास की नई ऊंचाइयों की ले जाएगा।