वरिष्ठ नागरिकों और संस्थाओं को राष्ट्रपति ने प्रदान किये वयोश्रेष्ठ सम्मान

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने आज नई दिल्ली में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गणमान्य वरिष्ठ नागरिकों और संस्थाओं को वयोश्रेष्ठ सम्मान-2019 प्रदान किए। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम साहनी भी उपस्थित थी।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे युवाओं को वृद्धजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को एक परिसंपत्ति के रूप में देखना चाहिए। लोगों को संयुक्त परिवार संस्कृति के आदर्शों को अपनाना चाहिए। परिवार के वृद्ध सदस्यों के मार्गदर्शन में परिवार के सभी सदस्यों के बीच आपसी समन्वय की भावना विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को इस पुरस्कार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और कई अन्य बचत योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत फायदेमंद है।
वहीं थावरचंद गहलोत ने कहा कि वृद्धजनों की सेवा करने तथा इस क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय प्रत्येक वर्ष वयोश्रेष्ठ सम्मान प्रदान करता है। मंत्रालय ने दो वर्ष पहले राष्ट्रीय वयोश्री योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्में, छड़ियां आदि वितरित किए गए थे। कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि वृद्धजनों व वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने कई नए कार्यक्रमों की शुरूआत की है।
पुरस्कार विजेताओं की सूची-

संस्थान श्रेणीः
वृद्धावस्था के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान का पुरस्कार- केन्द्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली को दिया गया। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
वरिष्ठ नागिरकों को सेवा प्रदान करने व जागरूकता बढ़ाने के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ संस्थान का पुरस्कार गांधी भवन इंटरनेशनल ट्रस्ट, कोल्लम, केरल को दिया गया। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
वरिष्ठ नागिरकों को सेवाएं व सुविधाएं प्रदान करने के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत का पुरस्कार जिला पंचायत पन्ना, मध्य प्रदेश को दिया गया। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 10 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
वरिष्ठ नागिरकों को सेवाएं व सुविधाएं प्रदान करने के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय का पुरस्कार नगर पालिका परिषद, उनहेल, उज्जैन, मध्य प्रदेश को दिया गया। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 10 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम, 2007 को लागू करने तथा वरिष्ठ नागरिकों को सेवाएं व सुविधाएं प्रदान करने के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार तमिलनाडु को दिया गया। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाते है।
वरिष्ठ नागरिको के कल्याण को बढ़ावा देने के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक उद्यम का पुरस्कार भारत कृत्रिम मानव अंग निर्माण कॉरपोरेशन (एएलआईएमसीओ) को दिया गया। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाते है।

व्यक्तिगत श्रेणीः

शतवर्षीय पुरस्कार-
ईश्वरचंद चिंतामणि (उम्र 93 वर्ष), यह पुरस्कार ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिनकी आयु 90 वर्ष से अधिक है और शारीरिक रूप से सक्रिय व स्वतंत्र है और समाज में योगदान देते है। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 2.5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
आइकॉनिक मातृ पुरस्कार-
सुश्री शारदा यशवंत दाते और सुश्री उर्मिला शर्मा। यह पुरस्कार उन माताओं को दिया जाता है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपने बच्चों का भरण-पोषण किया और उन्हें उनके बच्चों ने अपने जीवन में अत्यधिक सफलता अर्जित की। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 2.5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
लाइफटाईम अचीवमेंट पुरस्कार-
छज्जूराम शर्मा, यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जिनकी आयु 70 वर्ष से अधिक है और जिन्होंने वृद्धावस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 2.5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
रचनात्मक कला पुरस्कार-
सुश्री एली अहमद, यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने साहित्य, नाटक, सिनेमा, संगीत, नृत्य, पेंटिंग, मूर्तिकला, फोटोग्राफी के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिली है और जो वृद्धावस्था में भी सक्रिय है। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 2.5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
खेल व एंडवेंचर पुरस्कार-
(महिला व पुरुष के लिए एक-एक) सुश्री आनंदिनी दर्जी और हरदेव सिंह। यह पुरस्कार खेल तथा एंडवेंचर में योगदान के लिए दिया जाता है। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 2.5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।
सहास व वीरता पुरस्कार-
(महिला व पुरुष के लिए एक-एक) डॉ शशि त्रिवेदी और प्रेम सिंह। यह पुरस्कार ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता है जिन्होंने खतरे के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया है। इसके अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व 2.5 लाख रूपये नकद प्रदान किए जाते है।