आईडीबीआई को केंद्र सरकार ने पूंजी प्रदान करने की दी अनुमति

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज सरकार द्वारा आईडीबीआई बैंक में 4,557 करोड़ रुपये की पूंजी प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। इससे आईडीबीआई बैंक के कारोबार की प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी और यह मुनाफा कमाने तथा सामान्‍य रूप से ऋण देने में समर्थ हो जाएगा और सरकार के पास सही समय पर अपने निवेश की वसूली करने का विकल्‍प उपलब्‍ध होगा।
आईडीबीआई बैंक को अपने बही-खाते से निपटने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एकबारगी पूंजी निवेश की जरूरत है। इसने जून 2018 के 18.8 प्रतिशत एनपीए को जून 2019 में 8 प्रतिशत तक घटाने में महत्‍वपूर्ण सफलता प्राप्‍त की है। इसके शेयरधारकों से इसके लिए पूंजी प्राप्‍त की जाएगी। एलआईसी 51 प्रतिशत के स्‍तर पर है और इसे बीमा नियामक द्वारा उच्‍चतर स्‍तर तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई है। आवश्‍यक 9,300 करोड़ रुपये में से, एलआईसी 51 प्रतिशत धनराशि (4,743 करोड़ रुपये) देगा। शेष 49 प्रतिशत धनराशि (4,557 करोड़ रुपये) एकबारगी आधार पर अपने शेयर के रूप में सरकार की ओर से दिए जाने का प्रस्‍ताव है।
इस निवेश के बाद, आशा है कि आईडीबीआई बैंक अपने दम पर और अधिक पूंजी जुटाने में काफी सक्षम हो जाएगा और अगले वर्ष भारतीय रिजर्व बैंक के प्रोम्‍प्‍ट करेक्‍टिव एक्‍शन (पीसीए) कार्यक्रम से भी मुक्‍त हो सकेगा। यह कैश न्‍यूट्रल पूंजी प्रवाह रिकैप बॉन्‍डों यानी सरकार द्वारा बैंक में पूंजी प्रवाह और उसी दिन सरकार से बैंक द्वारा रिकैप बॉन्‍ड की खरीद के माध्‍यम से किया जाएगा। इससे तरलता अथवा मौजूदा वर्ष के बजट पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।