भारत एक राष्ट्र के साथ-साथ एक जीवंत परंपरा है- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एट-होम कार्यक्रम में राजधानी में 71वीं गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने वाले 1730 से अधिक जनजातीय समुदायों के अतिथियों, एनसीसी कैडेटों, एनएसएस स्वयंसेवकों और झांकी कलाकारों के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यहां आप जितने भी साथी एकत्र हुए हैं, आप एक प्रकार से मिनी इंडिया, न्यू इंडिया को शोकेस करने वाले लोग हैं। भारत असल में क्या है, ये हमारा देश और पूरी दुनिया आपके माध्यम से समझती है। एनसीसी और एनएसएस के माध्यम से अनुशासन और सेवा की एक समृद्ध परंपरा जब राजपथ पर दिखती है, तो देश के करोड़ों युवा प्रेरित और प्रोत्साहित होते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं, तो हमें ये भी याद रखना है कि भारत असल में है क्या। भारत क्या सिर्फ सरहदों के भीतर 130 करोड़ लोगों का घर भर ही है? नहीं, भारत एक राष्ट्र के साथ-साथ एक जीवंत परंपरा है, एक विचार है, एक संस्कार है, एक विस्तार है। भारत की श्रेष्ठता की एक और शक्ति इसकी भौगोलिक और सामाजिक विविधता में ही है। हमारा ये देश एक प्रकार से फूलों की माला है, जहां रंग-बिरंगे फूल भारतीयता के धागे से पिरोए गए हैं। राजपथ पर आपके प्रदर्शन से पूरी दुनिया भारत की इस शक्ति के भी दर्शन करती है। इसका असर भारत की सॉफ्ट पावर के प्रचार-प्रसार में भी होता है और भारत के टूरिज्म सेक्टर को भी इससे मजबूती मिलती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आग्रह करते हुए कहा कि यहां जितने भी युवा साथी आए हैं, मेरा आपसे आग्रह रहेगा कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की ज्यादा से ज्यादा चर्चा करें। चर्चा ही नहीं, बल्कि खुद अमल करके, उदाहरण पेश करें। हमारे ऐसे ही प्रयास न्यू इंडिया का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि हम जिस न्यू इंडिया की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, वहां यही आकांक्षाएं, यही सपने हमें पूरे करने हैं। भारत का कोई भी व्यक्ति, कोई भी क्षेत्र पीछे ना रह जाए, ये हमें सुनिश्चित करना है। गणतंत्र दिवस की परेड के पीछे भी यही ध्येय है।