वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट की खास बातें

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# 70 लाख नए रोजगार देने का सरकार का लक्ष्य

# 16,000 करोड़ रुपये की लागत से 4 करोड़ परिवारों तक पहुंचाई जाएगी बिजली

# 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये प्रति साल इलाज के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलेंगे

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के किसानों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आगामी खरीद की फसलों को उत्पादन लागत से कम-से-कम डेढ़ गुना कीमत पर लेने का फैसला ले लिया है। देश के किसानों की आमदनी बढ़ाकर साल 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मौजूदा सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में सरकार का संकल्प दोहराया और कहा कि किसानों को लागत से डेढ़ गुना कीमत मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए बाजार मूल्य और एमएसपी में अंतर की रकम सरकार वहन करेगी।
जेटली ने कहा कि बाजार के दाम अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम हो तो सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को बाकी पैसे किसानों को दिए जाएं। जेटली ने कहा कि इसके लिए नीति आयोग व्यवस्था का निर्माण करेगा। इसके साथ ही, मोदी सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए 11 लाख करोड़ का फंड बनाने का भी ऐलान किया। अरुण जेटली ने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 250 करोड़ का टर्नओवर करने वाली कंपनियों पर 25 फीसदी टैक्स लगेगा। 99 फीसदी एमएसएमई को 25 फीसदी टैक्स के दायरे में लाया गया है। डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की गई। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य पर सेस 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी किया। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी बढ़ा। यह काले धन के खिलाफ मुहिम का असर है।
टैक्स देने वाले 19.25 लाख लोग बढ़े। इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ रुपए बढ़ा। 14 सरकारी कंपनियां शेयर बाजार में आएंगी। 2 सरकारी बीमा कंपनियां शेयर बाजार में आएंगी। सोने के लिए नई नीति आएगी। नई नीति से सोना ले जाने में आसानी होगी। आधार से जरूरतमंद को फायदा मिला है। राज्यपाल और उपराष्ट्रपति की सैलरी बढ़ाई जाएगी। बढ़ने के बाद राज्यपाल की सैलरी 3.5 लाख और उपराष्ट्रपति की सैलरी 4 लाख रुपए महीने हो जाएगी। सरकार को 5.95 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं-
* 86 प्रतिशत से ज्यादा किसान छोटे या सीमांत किसान हैं। इनके लिए मार्केट तक पहुंचना आसान नहीं है। इसलिए सरकार इन्हें ध्यान रखकर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करेगी।
* हम वर्षों से कहते आ रहे हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। ऐसे में हमें हमारे जिलों में क्लस्टर बेस्ड डिवेलपमेंट मॉडल तैयार करने की आवश्यकता है।
* देश के किसानों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
* लगभग 300 मिलियन टन फलों और सब्जियों का रेकॉर्ड उत्पादन हुआ है।
* ई-नैम को भी हमने किसानों को तहत जोड़ा है। ताकि किसानों को जहां ज्यादा मूल्य मिलती है।
* 585 epmc को ई-नैम के जरिए जोड़ा जाएगा। यह काम मार्च 2019 तक ही खत्म हो जाएगा।
* जितने गांव हैं उनको कृषि के बाजारों के साथ बढ़िया सड़क मार्गों से जोड़ने की योजना है।
* हमारे जिले में क्लस्टर मॉडल पर विकसित करने की आवश्यकता है।
* ऐसे पौधे जिनका दवाइयों में इस्तेमाल होता हो उनका भी सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए बढ़ावा देगी।
* जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है।
* टमाटर, आलू, प्याज का इस्तेमाल मौसम के आधार पर होता है, सालभर। ऑपरेश ग्रीन लॉन्च की जाएगी, ऑपरेशन फ्लड की तौर पर। 500 करोड़ रुपये इसके लिए रखे जाएंगे।
* क्रेडिड कार्ड मछुआरों और पशुपालकों को भी मिलेगा।
* 42 मेगा फूड पार्क बनेगा।
* मछली पालन और पशुपालन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये रखे जा रहे हैं।
बांस की पैदावार बढ़ाने के लिए
* किसान कृषि लोन की सुविधा से वंचित रह जाते हैं, ये बंटाईदार होते हैं, जिनको बाजार से कर्ज लेना पड़ता है। नीति आयोग ऐसी व्यवस्था बना रहा है कि ऐसे किसानों को कर्ज लेने में सुविधा मिले।
बजट की अन्य बातें-
* प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना की शुरुआत। 16,000 करोड़ रुपये की लागत से 4 करोड़ परिवारों तक पहुंचाई जाएगी बिजली।
* उज्ज्वला योजना के तहत 5 करोड़ का लक्ष्य था। अब इसका लक्ष्य 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन देना है।
* कृषि क्रेडिट के लिए 11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन होगा।
* दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए विशेष योजना लॉन्च की जाएगी। इसमें हरियाणा, पंजाब और यूपी की सरकारों का भी सहयोग लिया जाएगा।*देश में कृषि उत्पादन रेकॉर्ड स्तर पर है। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे।
हमारे 86 फीसदी से अधिक किसान लघु एवं सीमांत किसान हैं। उनके लिए ग्रामीण कृषि बाजारों का विकास किया जाएगा।
* किसी उत्पाद की कीमत एमएसपी से कम होने पर यह जरूरी है कि सरकार उनकी फसल को खरीदे। सरकार इसके लिए व्यवस्था करेगी।
* कृषि बाजार के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया जाएगा।
* मछुआरों और पशुपालकों को भी किसानों की तर्ज पर दिए जाएंगे क्रेडिट कार्ड।
* 1200 करोड़ रुपये की राशि के साथ राष्ट्रीय बांस मिशन की शुरुआत की जाएगी।
* आलू-प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रीन लॉन्च किया जाएगा।
* 2018-19 में हमारा लक्ष्य 2 करोड़ शौचालय बनाना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 6 करोड़ शौचालय बन चुके हैं।
* 2022 तक हर गरीब को घर देने का लक्ष्य है। शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकान बनाने को मंजूरी दी गई है।
* कृषि उत्पादों के निर्यात को 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के लिए आवंटन राशि को दोगुना किया गया।
* इस साल 1.75 करोड़ घरों को तक पहुंचाएंगे बिजली।
* गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14.34 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
फूड प्रॉसेसिंग सेक्टर के लिए 1400 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।
* ऑपरेशन ग्रीन के लिए 500 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन।
* आयुष्मान भारत प्रोग्राम के तहत दो स्वास्थ्य योजनाओं का ऐलान।
* हर साल 1 हजार बी.टेक स्टूडेंट्स को मिलेगी छात्रवृत्ति।
* शिक्षकों के लिए एकीकृत बी.एड कोर्स की होगी शुरुआत।
* हर साल 1 हजार बी.टेक स्टूडेंट्स को मिलेगी छात्रवृत्ति।
स्वास्थ्य के लिए खास-
* स्वास्थ्य के लिए 1.5 लाख आरोग्य सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
* हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए 1,200 करोड़ रुपये जारी होंगे।
* 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये प्रति साल इलाज के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलेंगे। अभी मिलते थे सिर्फ 30,000 रुपये।
* हर तीन संसदीय क्षेत्र के बीच में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का लक्ष्य।
* देश भर में 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों की स्थापना होगी।
* देश की लगभग 40 फीसदी आबादी को मिल सकेगा स्वास्थ्य बीमा।
शिक्षा के लिए खास-
* 50 फीसदी से अधिक आदिवासी वाले ब्लॉकों में नवोदय की तर्ज पर बनेंगे एकलव्य आवासीय विद्यालय।
* शिक्षा में सुधार के लिए अगले 4 साल में 1 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च।
* गंगा सफाई के लिए 187 योजनाओं को दी गई मंजूरी।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में शिक्षा के स्तर पर चिंता जताते हुए कई ऐलान किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता अभी भी बड़ी चुनौती है। जेटली ने बताया कि सरकार प्री नर्सरी से लेकर 12वीं क्लास तक को समग्र रूप से देखना चाहते हैं, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में विकास हो सके। इसके लिए सरकार एक नीति भी बनाएगी।
* 13 लाख से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग दिए जाने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की राह में तकनीकी डिजिटल पोर्टल ‘दीक्षा’ से मदद मिलेगी।
* नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खुलेंगे।
* इंस्टिट्यूट्स ऑफ एमिनेंस स्थापित करने की योजना।
* वडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रस्ताव।
* आईआईटी और एनआईटी में 16 नए प्लानिंग ऐंड आर्किटेक्चर स्कूल ऑटोनोमस मोड में स्थापित होंगे।
* नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम के तहत कई काम किए जा रहे हैं।
* शिक्षकों का भी स्तर सुधारना
* डिजिटल इंटेसिटीसिटी को बढ़ावा दिया जाएगा। एकीकृत बीएड कार्यक्रम भी होगा शुरू।
* टीबी के मरीजों के पोषण के लिए 6,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन।
* 3794 करोड़ रुपये से मध्यम, लघु एवं सूक्ष्य उद्योगों का होगा विकास
* जनजातियों के विकास के लिए 32,000 करोड़ रुपये की राशि का होगा आवंटन।
* स्वच्छ भारत मिशन के तहत गरीब परिवारों के लिए 2 करोड़ नए शौचालय बनाने का लक्ष्य।
* मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये की राशि लोन के तौर पर देने का लक्ष्य।
* नमामि गंगे के तहत पूरी हुईं 47 परियोजनाएं।
* महिला कर्मियों के लिए पीएफ कटौती 8 पर्सेंट होगी। हाथ में आएगी ज्यादा सैलरी।
* अनुसूचित जातियों के विकास के लिए 56,619 करोड़ रुपये और जनजातियों के विकास के लिए 39,135 करोड़ रुपये का आवंटन।
* मुद्रा योजना से 10.38 करोड़ लोगों को होगा फायदा
* स्मार्ट सिटीज के विकास के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से काम हो रहा है।
* 50 लाख युवाओं को नौकरी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
* 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा
रेलवे के लिए खास-
* अरुणाचल प्रदेश में सेरा पास टनल को बनाने का प्रस्ताव। सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण।
* रेलवे के लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन।
* पटरी, गेज बदलने के लिए खर्च किया जाएगा रेलवे को जारी किए गए फंड का बड़ा हिस्सा।
* इस साल 700 नए रेल इंजन तैयार किए जाएंगे।
* पूरे भारतीय रेल नेटवर्क को ब्रॉडगेज में तब्दील किया जाएगा।
* 3600 किमी रेल पटरियों को होगा नवीनीकरण।
* मुंबई लोकल के दायरे को बढ़ाया जाएगा।
* बुलेट परियोजना के लिए जरूरी मानव संसाधन को वड़ोदरा रेल यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण दिया जाएगा
* मुंबई में 90 किलोमीटर रेल पटरी का विस्तार होगा
* AMRUT प्रोग्राम के तहत 500 शहरों में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। 19,428 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
* हवाई यात्रा को सरल और सुगम बनाने के लिए एयरपोर्ट्स की संख्या को 5 गुना किया जाएगा।
* 25,000 से ज्यादा फुटफॉल वाले स्टेशनों में स्केलेटर्स लगेंगे। सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को वाई-फाई और सीसीटीवी से लैस करने की तैयारी।
* 70 लाख नए रोजगार देने का सरकार का लक्ष्य।
* 12,000 वैगन्स, 5,160 कोच और 700 लोकोमोटिव्स बनाएगा रेलवे।