एनपीआर में नहीं देना होगा कोई दस्तावेज, गृह मंत्रालय ने किया स्पष्ट

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आज लोकसभा में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की तैयारी और अपग्रेडेशन के बारे में पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में कहा कि जनसंख्या रजिस्टर एक रजिस्टर है, जिसमें आमतौर पर एक गांव या ग्रामीण क्षेत्र या शहर या वार्ड या कस्बे या शहरी क्षेत्र में वार्ड के भीतर सीमांकित क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों का विवरण होता है। एनपीआर को पहली बार 2010 में तैयार किया गया था और 2015 में अद्यतन किया गया था।
एनपीआर के अपडेशन के दौरान दस्तावेजों मांगने के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि प्रत्येक परिवार और व्यक्ति के जनसांख्यिकीय और अन्य विवरण अपडेट किए जाने हैं। इस दौरान कोई भी दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा, वहीं आधार कार्ड नम्बर प्रदान करना भी स्वेच्छिक रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कोई भी सत्यापन उन व्यक्तियों को खोजने के लिए नहीं किया जाएगा, जिनकी नागरिकता संदिग्ध है। लोगों को अपने ज्ञान और विश्वास के अनुसार एनपीआर अपडेशन के लिए सही जानकारी प्रदान करनी चाहिए। केंद्र सरकार एनपीआर की तैयारी के संबंध में राज्यों के साथ चर्चा कर रही है।