सौ से ज्यादा उत्पादों पे कम हुआ जीएसटी

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शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में आम लोगों को राहत देते हुए लगभग 100 उत्पादों पर टैक्स घटा दिया गया। वहीं सैनेटरी नैपकिन, बिना सोने-चांदी वाली राखियां, संगमरमर-लकड़ी से बनी मूर्तियों और फूलझाडू को टैक्स फ्री कर दिया। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कहा कि नई टैक्स दरें 27 जुलाई से लागू होंगी। बैठक में काउंसिल ने जीएसटी कानून में प्रस्तावित 46 बदलावों को मंजूरी दी।
ये हुए टैक्स फ्री-
जीएसटी काउंसिल की बैठक में सैनेटरी नैपकिन, बिना सोने-चांदी वाली राखियां, मार्बल या लकड़ी से बनने वाली मूर्तियां, हैंडीक्राफ्ट से जुड़ी चीजें, फूलझाडू, नारियल के रेशे से बनी ऑर्गनिक खाद, फोर्टिफाइड मिल्क, आरबीआई या सरकार की ओर से जारी विशेष सिक्कों को टैक्स फ्री कर दिया गया।
इन उत्पादों के टैक्स हुये कम-
68 सेमी तक के टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन, मिक्सर-जूसर, ग्राइंडर, वॉटर कूलर, वॉटर हीटर, शेवर, लीथियम-आययन बैटरी, वैक्यूम क्लीनर, स्पेशल पर्पज व्हीकल (फायर फाइटिंग व्हीकल, कंक्रीट मिक्सर लॉरी), वेयर हाउस और फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले ट्रक, पेंट्स, वॉर्निश, वॉल पुट्टी, रेजिन सीमेंट, हेयर ड्रायर, हैंड ड्रायर, पाउडर पफ, कॉस्मेटिक पैड, सेंट, परफ्यूम, टॉयलेट क्लीनर, इलेक्ट्रिक आयरन, आइसक्रीम फ्रीजर, रेफ्रिजरेटिंग उपकरण, चमड़े के सामान, लकड़ी के फ्रेम (पेंटिंग, फोटो, शीशे के लिए), वीडियो गेम्स के टैक्स को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया। इसके अलावा हैंडलूम की दरियां, 1,000 रुपए से कम कीमत वाली हाथ से बनी टोपियां, फर्टिलाइजर ग्रेड का फॉस्फोरिक एसिड, हाथ से बने कारपेट, हाथ से बने गलीचे, हाथ से बनी लेस 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया। वहीं हैंडबैग, ज्वेलरी बॉक्स, लकड़ी के फ्रेम, आर्टवर्क, स्टोन आर्ट, ग्लास स्टेच्यू, ग्लास आर्टवेयर, आयरन आर्टवेयर, कॉपर आर्टवेयर, एल्युमिनियम आर्टवेयर हैंडक्राफ्टेड लैंप, बांस की फ्लोरिंग, पीतल का प्रेशर स्टोव, हाथ से चलने वाले रबर रोलर, सुसज्जित फ्रेम वाले शीशे, मोम के सामाान, कपड़े पर हाथ से बनाई गई पेंटिंग, तोरण का टैक्स 18 प्रतिशत से घटकर 12 प्रतिशत किया गया। पेट्रोल-डीजल में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल, 1000 रुपए तक के फुटवियर, सॉलिड बायो फ्यूल के पेलेट्स, ई-बुक्स पर लगने वाला टैक्स 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया।
आसान होगी रिटर्न भरने की प्रक्रिया-
जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और आसान बनाने को मंजूरी देते हुए जीएसटी काउंसिल ने कहा कि अब कारोबारियों को सिंगल पेज रिटर्न भरना होगा। इसके अलावा अब एक महीने में तीन की जगह सिर्फ एक रिटर्न दाखिल करना होगा। सालाना पांच करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी तिमाही रिटर्न भर सकेंगे। हालांकि टैक्स मंथली जमा करवाना होगा। इस बदलाव से 80 लाख कारोबारियों को राहत मिलेगी। कंपोजिट डीलर के लिए अलग रिटर्न फॉर्म की मंजूरी दी। जो कारोबारी रजिस्ट्रेशन कैंसिल करवाना चाहेंगे उनका नंबर आवेदन वाले दिन ही सस्पेंड कर दिया जाएगा और उन्हें रिटर्न नहीं भरना पड़ेगा। ई-कॉमर्स कंपनियों को उन उत्पादों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा जिन पर जीएसटी लगता है।