थाइलैंड के कण-कण, जन-जन में भी अपनापन नज़र आता है- प्रधानमंत्री मोदी

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थाईलैंड में आयोजित हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को बैंकॉक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन से पूर्व थाईलैंड में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन सुवर्णभूमि, थाइलैंड में आप सभी के बीच हूँ तो लगता ही नहीं है कि कहीं विदेश में हूँ। ये माहौल, ये वेशभूषा, हर तरफ से अपनेपन का आभास मिलता है, अपनापन झलकता है। आप भारतीय मूल के हैं सिर्फ इसलिए नहीं, बल्कि थाइलैंड के कण-कण, जन-जन में भी अपनापन नज़र आता है। यहां की बातचीत में, यहां के खान-पान में, यहां की परंपराओं में, आस्था में, आर्किटेक्चर में, भारतीयता की झलक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज थाईलैंड के नए नरेश के राज-काल में, अपने मित्र प्रधान मंत्री ‘प्रयुत चान ओ च’ के निमंत्रण पर मैं भारत-आसियान समिट में भाग लेने यहाँ आया हूँ। दरअसल, हमारे रिश्ते सिर्फ सरकारों के बीच के नहीं हैं। सरकारों ने तो इन्हें बनाया भी नहीं है। इन्हें इतिहास ने बनाया है। ये रिश्ते दिल के हैं, आत्मा के हैं, आस्था के हैं, अध्यात्म के हैं। भारत का नाम पौराणिक काल के जंबूद्वीप से जुड़ा है। वहीं थाइलैंड सुवर्णभूमि का हिस्सा था। हमारे नाविकों ने तब समुद्र की लहरों पर हजारों मील का फासला तय करके समृद्धि और संस्कृति के जो सेतु बनाए वे अब भी विद्यमान हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान राम की मर्यादा और भगवान बुद्ध की करुणा, ये दोनों हमारी साझा विरासत का हिस्सा हैं। करोड़ों भारतीयों का जीवन जहां रामायण से प्रेरित होता है, वही दिव्यता थाईलैंड में रामाकियन की है। भगवान राम की मर्यादा और भगवान बुद्ध की करुणा, ये दोनों हमारी साझा विरासत का हिस्सा हैं। करोड़ों भारतीयों का जीवन जहां रामायण से प्रेरित होता है, वही दिव्यता थाईलैंड में रामाकियन की है। स्वास्दी का संबंध संस्कृत के शब्द स्वस्ति से है। इसका अर्थ है- सु प्लस अस्ति, यानि कल्याण। यानि, आपका कल्याण हो। अभिवादन हो, ग्रीटिंग्स हो, आस्था हो, हमें हर तरफ अपने नजदीकी सम्बन्धों के गहरे निशान मिलते हैं। पिछले पाँच सालों में मैंने बहुत से देशों की यात्रा की है। हर जगह भारतीय समुदाय से मिलने की कोशिश करता हूँ। लेकिन जब भी ऐसी मुलाकात हुई है, हरेक में मैंने देखा कि भारतीय समुदाय में भारत और उनके मेजबान देश की सभ्यताओं का संगम होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे अपने विदेशी मित्रों से कह सकते हैं, देखो, मैं भारतीय मूल का हूँ और मेरा भारत कैसी तेजी से, कितना आगे बढ़ रहा है और वे सही कहते हैं। 130 करोड़ भारतीय आज न्यू इंडिया के निर्माण में लगे हुए हैं। अब हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं जो कभी असंभव लगते थे। आप सभी इस बात से परिचित हैं कि आतंक और अलगाव के बीज बोने वाले एक बहुत बड़े कारण से देश को मुक्त करने का निर्णय भारत ने लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में भगवान बुद्ध से जुड़े तीर्थ स्थलों का आकर्षण और बढ़ाने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। लद्दाख से लेकर बोधगया, सारनाथ से सांची तक, जहां-जहां भगवान बुद्ध के स्थान हैं, उनकी कनेक्टिविटी के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। आसियान देशों के साथ अपने सम्बन्धों को बढ़ावा देना हमारी सरकार की विदेश नीति की प्राथमिकताओं में है। इसके लिए हमने एक्ट ईस्ट पालिसी को विशेष महत्व दिया है। पिछले साल, भारत-आसियान डायलाग पार्टनरशिप की सिल्वर जुबिली थी।