कलियुग की करामात- शिवम मिश्रा

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धर्म के नाम पर कट रहे सर
अधर्म के नाम का है बोलबाला
लूटी जा रही स्त्रियों की अस्मत
ढाया जा रहा निर्दोष बच्चों पर ज़ुल्म
रक्तरंजित हो कर पड़ा है मानवता
उड़ाया जा रहा मजाक शहीद सैनिकों का
आतंकवादियों को बताया जा रहा मासूम
मजदूर मजबुर हो कर भटक रहा दरबदर

न्याय की देवी ने लगा रखी है
आँखों पर काली पट्टी
छोटे बच्चे कर रहे छोटू बन कर काम ढाबे में
बच्चे माँ-बाप को ढकेल रहे वृद्धाश्रम में
चारे की तलाश में घूम रही लावारिस गाय
हाँ यही सब है कलियुग की करामात

-शिवम मिश्रा ‘गोविंद’
मुंबई, महाराष्ट्र