पूरे देश में 31 मई तक बढ़ाई गई लॉकडाउन की अवधि, पढ़िए कहाँ रहेगा प्रतिबंध और कहां मिलेगी छूट

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देश कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढाते हुए चौथे चरण से संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आज जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि कोरोना के संक्रमण के आधार पर क्षेत्रों को तीसरे चरण की तरह ही रेड, ओरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। साथ ही इस बार ओरेंज और रेड जोन में कंटेनमेंट और बफर जोन भी बनाये जायेंगे। इस बार इन जोन का निर्धारण करने का निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ा गया है। ये जोन जिला, नगर निगम और यहां तक कि उप मंडल तक भी सीमित रह सकते हैं और इसका निर्णय भी राज्यों को ही लेना है। स्थानीय प्रशासन और स्थानीय निकास केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों के आधार पर इन जोन का निर्धारण करेंगे। कंटेनमेंट जोन में मेडिकल इमरजेंसी, जरूरी वस्तुओं और सेवाओं को छोड़कर किसी अन्य गतिविधि की अनुमति नहीं दी जायेगी। कोरोना के नये मामले बढने की आशंका वाले क्षेत्रों को बफर जोन में रखा जायेगा और वहां काफी अधिक सतर्कता बरती जायेगी।
दिशा निर्देशों के अनुसार चौथे चरण में भी देश भर में घरेलु तथा अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा हालाकि घरेलु चिकित्सा सेवा , एयर एंबुलेंस और सुरक्षा उद्देश्यों तथा गृह मंत्रालय की अनुमति से विशेष परिस्थिति में इसकी अनुमति होगी। मेट्रो रेल सेवा, स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान पहले की तरह ही देश भर में बंद रहेंगे।
होटलों, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा हालाकि बस डिपो, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर कैंटीन खोलने की अनुमति होगी। सिनेमा हाल, शापिंग माल, जिम, मनोरंजन पार्क आदि, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, और इसी तरह की सभाओं या भीड भाड वाले आयोजनों पर भी प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक स्थल भी लोगाें के लिए बंद रहेंगे। दूरस्थ और आनलाइन शिक्षा माध्यम की अनुमति होगी और इसे बढावा भी दिया जाएगा। रेस्तरांओं को भी होम डिलिवरी करने की अनुमति रहेगी। सरकार ने इस चरण में एक बड़ा निर्णय लेते हुए खेल परिसरों और स्टेडियम को खेल गतिविधियों के लिए खोलने की अनुमति दे दी है लेकिन दर्शकों को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों में कहा गया है कि लाेगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए परिवहन के विभिन्न साधन पहले से ही विशेष परिस्थितियों में शर्तों के साथ खुले हैं। विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन और बस सेवा के संचालन तथा देश में फंसे विदेशियों और विदेशों में फंसे भारतीयों के आवागमन की भी अनुमति पहले से ही दी जा चुकी है। विभिन्न राज्यों के बीच परस्पर सहमति के आधार पर वाहनों तथा बसों का आवागमन भी पहले से ही जारी है। राज्यों के अंदर वाहनों तथा बसों के आवागमन के बारे में निर्णय राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को लेना है।
पहले की तरह ही कार्यस्थलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना जरूरी होगा और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर पहले की तरह की जुर्माना वसूला जायेगा। सामाजिक दूरी के नियम को भी सख्ती से लागू किया जायेगा। विवाह से संबंधित समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति नहीं होगी जबकि अंतिम संस्कार जैसे आयोजनों में 20 से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे। पान, गुटखा और तंबाकू का सार्वजनिक स्थानों पर सेवन भी प्रतिबंधित रहेगा।