Monday, June 15, 2026
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जबलपुर फिल्म सिटी: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में बियोंड स्टूडियो करेगा 3000 करोड़ रुपये का अनुबंध

पर्यटन में सफलता की नई उंचाई स्पर्श करने वाला मध्यप्रदेश अब निवेश के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जबलपुर में बन रही फिल्म सिटी 80 हजार से लेकर एक लाख युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी। 24 और 25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जबलपुर की बियोंड स्टूडियोज प्रदेश सरकार के साथ 3 हजार करोड रुपये का अनुबंध कर रही है। यह जानकारी कलेक्टर कार्यालय स्थित निवेश प्रोत्साहन केंद्र में आयोजित परिचर्चा के दौरान दी गई।

परिचर्चा का आयोजन जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा किया गया था। नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश धीरावाणी, फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे, आईटीसी वेलकम होटल के संचालक राजेश जैन पिंकी  जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन और संस्कृति परिषद के सीईओ हेमंत सिंह एवं पर्यटन निगम के प्रबंधक तरुण मिश्रा मौजूद थे।

परिचर्चा में बताया गया कि एंटरटेनमेंट का नया हब बन रहे प्रदेश में कई स्थल फिल्म निर्माताओं की पसंद बन गए हैं इनमें भोपाल, चंदेरी और जबलपुर में पिछले कुछ वर्षों में कई फिल्में बनी हैं। सिर्फ जबलपुर में दो वर्ष में पचास से अधिक फिल्मों का निर्माण हुआ है। तेलगू सिनेमा जगत के निर्माताओं की जबलपुर की लोकेशंस में दिलचस्पी दिखाई है।

जबलपुर पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सीईओ हेमंत सिंह ने बताया कि जबलपुर में जो प्राकृतिक आकर्षण है वह प्रदेश में कहीं नहीं दिखता। फिल्म सिटी की परिकल्पना को लेकर कार्य लंबे समय से चल रहा था  जिसे बियोंड स्टूडियो ने साकार किया और इसके फाउंडर भारत भूषण ने जबलपुर में एक फिल्म की शूटिंग पूरी की। इसके बाद भारत के साथ फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य आरंभ हुआ।

उन्होंने बताया कि  फिल्म उद्योग को गति देना बड़ी बात है। जिसके लिए शासन पूर्ण सहयोग कर रहा है। फिल्म सिटी बृहद परियोजना है,जिसका कार्य विदेशी निर्माताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि फिल्म सिटी राज्य की आय में वृद्धि करने वाली होगी यह उद्योग स्थापित करने वालों का मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माताओं का जबलपुर में विश्वास बढ़ रहा है।

परिचर्चा में वरिष्ठ चिकित्सक और जबलपुर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजेश धीरवानी ने कहा कि फिल्म सिटी के निर्माण से जबलपुर की ब्रांडिंग होगी। मनोरंजन के साधनों की कमी के कारण बच्चे बाहर जा रहे हैं। कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप हो जाए तो यहां रोजगार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिल्म सिटी के लिए यहां का प्राकृतिक सौंदर्य सहायक होगा और फिल्मों की शूटिंग के बाद जबलपुर का पर्यटन बढ़ेगा। डॉ धीरावाणी ने कहा कि जबलपुर कलाकारों की खान है। नगर की इन सभी प्रतिभाओं को प्लेटफॉर्म मिलेगा।

आईटीसी वेलकम होटल जबलपुर के संचालक राजेश जैन पिंकी ने पर्यटन उद्योग में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया। फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि जबलपुर टूरिस्ट इन ट्रांजिट बनकर रह गया था अब पर्यटन विकास और फिल्म सिटी नगर को देश में नई पहचान दिलाएंगे।

नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज ने कहा कि निगम ने एशिया का सबसे बडा अर्बन फारेस्ट विकसित कर दिया है। इसका उपयोग फिल्म निर्माण में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्म सिटी के सभी निर्माण कार्यों में नगर निगम का सहयोग रहेगा। पर्यटक प्रबंधक तरुण मिश्र ने कहा कि जबलपुर फिल्म सिटी पर्यटन विकास के साथ रोजगार सृजन में सहायक होगी।

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