उज्जैन: विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के साथ नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम बी.टेक इन कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस स्टडीज (CSBS) प्रारंभ करने को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह छात्रों के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षा और बेहतर करियर के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरू प्रो अर्पण भारद्वाज और टीसीएस के एकेडमिक अलायंस ग्रुप के ग्लोबल लीडर डॉ. के. एम. सुसींद्रन ने कुलगुरु कार्यालय में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर टीसीएस की क्षेत्रीय प्रमुख मेघा अग्रवाल,विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा, और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. संदीप कुमार तिवारी मौजूद थे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव के प्रयास से विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।हाल ही में शुरू हुए बी.टेक डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स की सफलता के बाद, विश्वविद्यालय में अब बी टेक- सी.एस.बी.एस. (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम्स) महत्वपूर्ण कोर्स प्रारंभ हो रहा है । एमओयू के पश्चात विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरू प्रो अर्पण भारद्वाज और टी.सी.एस. (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़) के ग्लोबल हेड (एकेडेमिक्स) के. सुचेंद्रन ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और कुलगुरू ने विश्वविद्यालय की ऐतिहासिकता तथा वर्त्तमान महत्व से अवगत कराया।
यह एमओयू छात्रों को उद्योग की वास्तविक ज़रूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करने में मदद करेगी। कुलगुरु प्रो अर्पण भारद्वाज का कहना है कि , ” हमारा लक्ष्य भी है कि, छात्रों को सिर्फ़ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा ज्ञान देना है जो सीधे रोज़गार दिला सके। यह कोर्स सूचना प्रौद्योगिकी और व्यापार प्रबंधन के ज्ञान को एक साथ मिलाकर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेगा।” यह नया पाठ्यक्रम कंप्यूटर विज्ञान की तकनीकी विशेषज्ञता को व्यावसायिक अध्ययन के ज्ञान के साथ जोड़ता है, जिससे छात्रों को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।
यह साझेदारी शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगी और छात्रों को तकनीकी और प्रबंधकीय दोनों तरह के कौशल प्रदान करेगी। इस एमओयू पर विक्रम विश्वविद्यालय कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह,श्री रूप पमनानी,श्री वरुण गुप्ता, डॉ. संजय वर्मा, श्रीमती मंजूषा मिमरोट,और डॉ. कुसुमलता निंगवाल ने स्वागत किया और कहा कि यह न सिर्फ़ छात्रों के लिए बल्कि पूरे उज्जैन और आसपास के क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।











