नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने सोमवार को अपने सहयोगी और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेज दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद, जस्टिस सूर्यकांत भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में 23 नवंबर 2025 को पदभार ग्रहण करेंगे और 27 फरवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे।
मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया “मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP)” के तहत होती है, जो न्यायाधीशों की नियुक्ति, स्थानांतरण और पदोन्नति का ढांचा निर्धारित करती है। कानूनी हलकों में जस्टिस सूर्यकांत को एक संतुलित, अनुशासित और संवेदनशील न्यायाधीश** के रूप में जाना जाता है। उनके कार्यकाल से न्यायपालिका में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जस्टिस सूर्यकांत का जन्म हरियाणा के हिसार जिले में हुआ था। वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उन्होंने 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से एलएलबी की डिग्री हासिल की। वकालत की शुरुआत उन्होंने हिसार जिला न्यायालय से की और 1985 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में प्रैक्टिस शुरू की। अपने करियर में उन्होंने संवैधानिक, सेवा और दीवानी मामलों में विशेषज्ञता हासिल की।











