क्विक कॉमर्स सेगमेंट में मजबूत मौजूदगी बनाने के बाद अब फ्लिपकार्ट ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट में उतरने की तैयारी कर रहा है। कंपनी इस तेजी से बढ़ते सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती है और इसके लिए बेंगलुरु में मई-जून के आसपास पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर पायलट सफल रहता है तो साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में बड़ा लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी इस बात पर विचार कर रही है कि वह अपना अलग फूड डिलीवरी ऐप लॉन्च करे या फिर सरकार के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) पर बायर-साइड एप्लिकेशन बनाकर एंट्री करे। दोनों विकल्पों पर काम चल रहा है और इसके लिए अलग टीम भी गठित की जा चुकी है।
9 बिलियन डॉलर का बाजार, 2030 तक 25 बिलियन का अनुमान
फिलहाल Zomato और Swiggy का दबदबा
भारत का फूड डिलीवरी बाजार वित्त वर्ष 2025 में करीब 9 बिलियन डॉलर का आंका गया है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का अनुमान है कि 2030 तक यह 25 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
अभी इस सेक्टर में Zomato और Swiggy का वर्चस्व है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में Zomato का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 21.3% और Swiggy का 20.5% बढ़ा है। इसके अलावा Rapido, ONDC से जुड़े छोटे प्लेयर और नए 10-मिनट डिलीवरी मॉडल वाले स्टार्टअप भी बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
10 मिनट डिलीवरी और बढ़ता कॉम्पिटिशन
Swiggy Bolt से लेकर Blinkit Bistro तक नई रेस
फूड डिलीवरी सेक्टर में अब 10 मिनट कैफे-स्टाइल डिलीवरी का ट्रेंड तेजी पकड़ रहा है। Swiggy Bolt, Blinkit Bistro, Zepto Cafe और अन्य प्लेयर इस फॉर्मेट में उतर चुके हैं। हाल ही में Swish नामक स्टार्टअप ने 30–35 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने की तैयारी की है।
हालांकि कोविड के बाद तेज ग्रोथ देखने को मिली थी, लेकिन अब कंजम्प्शन थोड़ा नरम पड़ा है। इसके बावजूद यह सर्विस अब शहरी जीवन का हिस्सा बन चुकी है। बेहतर अफोर्डेबिलिटी, तेज डिलीवरी और भरोसेमंद सर्विस के चलते यूजर बेस लगातार बढ़ रहा है।
जेफरीज के अनुसार FY25 में करीब 10 करोड़ ट्रांजैक्टिंग यूजर्स हैं, जो FY30 तक 15 करोड़ से ज्यादा हो सकते हैं। ऑर्डर फ्रीक्वेंसी अभी कम है, इसलिए ग्रोथ की गुंजाइश बनी हुई है।
फ्लिपकार्ट की रणनीति क्या है? ‘मिनट्स’ नेटवर्क बनेगा ताकत
फ्लिपकार्ट पहले ही अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘Minutes’ में भारी निवेश कर चुका है। कंपनी के पास 800 से ज्यादा डार्क स्टोर्स का नेटवर्क है, जिसे आगे और विस्तार देने की योजना है। यह नेटवर्क फूड डिलीवरी में लॉजिस्टिक सपोर्ट दे सकता है।
जनवरी में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट समेत कई ई-कॉमर्स कंपनियां क्विक कॉमर्स में आक्रामक डिस्काउंट देकर Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart को चुनौती दे रही हैं।
फ्लिपकार्ट इस साल IPO लाने की भी योजना बना रहा है। ऐसे में फूड डिलीवरी में एंट्री कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को और मजबूत कर सकती है।
क्या बदलेगा बाजार का समीकरण?
पिछले वर्षों में Uber Eats, Ola और Amazon जैसी कंपनियों ने फूड डिलीवरी में एंट्री की, लेकिन टिक नहीं सकीं। फिलहाल बाजार में दो बड़े खिलाड़ी हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर आमतौर पर 3–4 ऑपरेटर सक्रिय रहते हैं।
फ्लिपकार्ट की एंट्री से प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। हालांकि Zomato और Swiggy के लिए यह नई चुनौती होगी, लेकिन फ्लिपकार्ट का मजबूत टेक प्लेटफॉर्म और डार्क स्टोर नेटवर्क इसे एक गंभीर दावेदार बना सकता है।











