बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं और तस्वीर लगभग साफ है। Tarique Rahman की अगुवाई वाली Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने प्रचंड जीत दर्ज की है। अब सबकी नजरें नई सरकार के शपथ ग्रहण पर टिकी हैं, जिसकी तारीख का आधिकारिक ऐलान होना बाकी है।
‘बीजेपी’ की जीत से फैला भ्रम
इन नतीजों में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है—बांग्लादेश में ‘बीजेपी’ ने भी एक सीट जीती है। हालांकि, यह भारत की Bharatiya Janata Party (BJP) नहीं है। यहां जिस बीजेपी को जीत मिली है, उसका पूरा नाम Bangladesh Jatiya Party है, जिसे अंग्रेजी में भी BJP कहा जाता है।
बीएनपी की सहयोगी इस पार्टी के उम्मीदवार अंदलीव रहमान को भोला-1 सीट से 105,543 वोट मिले। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मोहम्मद नजरुल इस्लाम को हराया, जिन्हें 75,337 वोट प्राप्त हुए।
चुनाव आयोग के अनुसार सीटों का ब्योरा
297 सीटों पर घोषित नतीजों के मुताबिक:
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BNP गठबंधन: 212 सीटें
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अकेले BNP: 209 सीटें (अब तक की सबसे बड़ी जीत)
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सहयोगी दलों—गणोसम्हति आंदोलन, बांग्लादेश जातीय पार्टी (BJP) और गोनो ओधिकार परिषद—को 1-1 सीट
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जमात-ए-इस्लामी गठबंधन: 77 सीटें
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जमात-ए-इस्लामी: 68 सीटें
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नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP): 6 सीटें
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इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश: 1 सीट
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अन्य: 7 सीटें
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एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ
कुल 300 संसदीय सीटों वाले इस चुनाव में 50 राजनीतिक दलों के 2,028 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 273 निर्दलीय और 83 महिला उम्मीदवार शामिल थीं।
शपथ को लेकर सस्पेंस
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है, हालांकि औपचारिक घोषणा अभी शेष है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह जल्द ही आयोजित किया जा सकता है। बांग्लादेश की राजनीति में यह चुनाव निर्णायक साबित हुआ है, जिसने सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।











