फिल्म द केरल स्टोरी 2 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही फिल्म कई सवालों के घेरे में है। हाल ही में एक अवॉर्ड इवेंट के दौरान फिल्ममेकर Anurag Kashyap ने इस पर खुलकर अपनी राय रखी, जिसके बाद निर्देशक Kamakshya Narayan Singh ने भी तीखा जवाब दिया। दोनों के बयानों के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
अनुराग कश्यप का बयान हुआ वायरल
अवॉर्ड समारोह में जब अनुराग कश्यप से फिल्म के ट्रेलर में दिखाए गए ‘बीफ’ वाले सीन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेबाकी से कहा कि “बीफ छोड़िए, यहां किसी को जबरदस्ती खिचड़ी तक नहीं खिलाई जा सकती।”
उनका इशारा इस बात की ओर था कि किसी भी तरह की जबरदस्ती या वैचारिक थोपने की कोशिश पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अनुराग का मानना है कि फिल्मों का काम समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि उसे विभाजित करना।
कामाख्या नारायण सिंह का पलटवार
अनुराग के बयान के बाद कामाख्या नारायण सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा खाने की चीज नहीं, बल्कि किसी की इच्छा को जबरदस्ती दबाने से जुड़ा है।
कामाख्या ने यह भी कहा कि किसी फिल्म को बिना तथ्यों के ‘नफरत फैलाने वाली’ करार देना सही नहीं है। उनका दावा है कि ‘द केरल स्टोरी 2’ असल घटनाओं से प्रेरित है और अलग-अलग विषयों पर फिल्में बनना स्वाभाविक है।
अपने बयान में उन्होंने अनुराग की फिल्म That Girl in Yellow Boots (द गर्ल इन येलो बूट्स) का जिक्र करते हुए कहा कि हर फिल्म अलग विषय पर बनती है, इसलिए किसी खास फिल्म को निशाना बनाना उचित नहीं।
बहस ने पकड़ा तूल
इस बयानबाज़ी के बाद दोनों फिल्मकार आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर अनुराग कश्यप फिल्मों को सामाजिक एकता का माध्यम मानते हैं, तो दूसरी ओर कामाख्या नारायण सिंह का कहना है कि बहस तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत विचारों पर।
फिलहाल ‘द केरल स्टोरी 2’ रिलीज से पहले ही चर्चा और विवाद के केंद्र में आ चुकी है। अब देखना होगा कि यह बहस आगे किस दिशा में जाती है और फिल्म को दर्शकों का कैसा प्रतिसाद मिलता है।











