आरा. भोजपुर जिले के छोटकी सनदिया गांव में 20 वर्षीय रानी कुमारी की शादी पूरे उत्साह के साथ तय थी, लेकिन शादी के मंडप में एक अचानक बेहोशी ने इस खुशी को दर्द में बदल दिया। बारात के लिए जयमाला के समय स्टेज पर जाते हुए रानी बेहोश हो गईं, जिससे उनका विवाह अधूरा रह गया।
शादी से ठीक पहले क्या हुआ?
रानी की शादी जयप्रकाश शर्मा से होनी थी, जो उदवंतनगर प्रखंड के छोटा सासाराम गांव के रहने वाले हैं और बेंगलुरु में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। परिवारों ने करीब छह महीने पहले आपसी सहमति से सगाई और शादी की तैयारी शुरू की थी।
22 वर्षीय दुल्हन रानी, जो भावुक और खुश थीं, जब जयमाला के लिए स्टेज पर ले जाई जा रही थीं, तो थकावट और भावनात्मक दबाव के कारण अचानक बेहोश हो गईं। परिवार ने उन्हें तुरंत सदर अस्पताल, आरा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बार-बार बेहोशी कमजोरी के कारण हो रही थी और अन्य स्वास्थ्य जांच सामान्य थी।
दूल्हे ने शादी से इनकार किया
रानी के बेहोश होने के बाद, जयप्रकाश शर्मा ने शादी से इनकार कर दिया और बारात लेकर वापस लौट गए। इससे रानी और उनके परिवार के सारे सपने अधूरे रह गए।
रानी के पिता सुरेंद्र शर्मा, जो पेशे से हार्डवेयर कारोबारी हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी इकलौती बेटी के लिए शादी की सभी तैयारियां पूरी दिलो-जान से की थीं। उन्होंने कहा कि बेटी को किसी तरह की बीमारी नहीं थी और शादी से पहले तक दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था।
अस्पताल और परिवार की प्रतिक्रिया
डॉक्टरों ने रानी को प्राथमिक उपचार के बाद ऑब्जर्वेशन में रखा। परिवार सदमे में है क्योंकि शादी का यह अवसर सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि बेटी के भरोसे और भविष्य का सपना था।
सुरेंद्र शर्मा ने कहा, “एक पल की बेहोशी ने हमारे परिवार का सपना अधूरा कर दिया। अब सवाल सिर्फ शादी टूटने का नहीं, बल्कि उस संवेदना और सहानुभूति का है जो ऐसे वक्त में सबसे जरूरी होती है।”
निष्कर्ष
छोटकी सनदिया की रानी का मामला न केवल एक शादी के टूटने की कहानी है, बल्कि यह भावनाओं, भरोसे और पारिवारिक सपनों के टूटने की व्यथा को भी उजागर करता है। शादी के इस नाजुक पल में समझ और धैर्य की कमी ने जीवन के सपने अधूरे छोड़ दिए।











