Friday, October 23, 2026
Homeमध्य प्रदेशएटीएस ने अफगानी घुसपैठियों को कोर्ट में किया पेश, 10 मार्च तक...

एटीएस ने अफगानी घुसपैठियों को कोर्ट में किया पेश, 10 मार्च तक जेल रिमांड

जबलपुर। एमपी के जबलपुर में फर्जी पासपोर्ट मामले में एटीएस द्वारा पकड़े गए पांच अफगानियों को आज कोर्ट में पेश किया गया। जहां से सभी को 10 मार्च तक जेल रिमांड पर भेज दिया गया है।

एटीएस की टीम ने इन्हे कोलकाता से तीन दिन पहले गिरफ्तार किया था। इसके बाद जबलपुर लेकर आए थे।

एटीएस के अधिकारियों द्वारा अफगानी घुसपैठियों को पूछताछ के लिए दो दिन की कोर्ट से रिमांड ली थी। इसके बाद आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।

कोर्ट के सामने एटीएस ने दलील दी थी कि देश के लिए यह बहुत ही चिंता का विषय है कि विदेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में आकर रहना और पासपोर्ट बनवाना खतरे का संकेत हो सकता है।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की गई है कि फर्जी दस्तावेज कहां-कहां से और किसकी मदद से बनवाए गए हैं।

एटीएस अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच में यह तथ्य भी सामने आए है कि अफगानी संदेह से बचने के लिए छोटे शहर का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट के लिए आवेदन करते थे।

एटीएस की जांच के दायरे में पासपोर्ट विभाग के वो अधिकारी भी आ रहे हैं जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट बनाने में इनकी मदद की है।

इन्हे कोलकाता से किया है गिरफ्तार-

एमपी एटीएस की टीम ने फर्जी पासपोर्ट मामले में जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद व जफर खान को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। एटीएस की जांच में सामने आया कि ये सभी 2018-19 में काबुल (अफगानिस्तान) से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचे थे।

एक मेडिकल वीजा पर आया, चार अवैध तरीके से दाखिल हुए-

एटीएस की टीम को जांच में पता चला कि सुल्तान मोहम्मद मेडिकल वीजा पर आया था। वहीं अन्य चार अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए थे।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि अफगान नागरिकों ने भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए जबलपुर में रह रहे मास्टरमाइंड सोहबत खान से प्रति व्यक्ति करीब ढाई लाख रुपए में डील की थी।

जांच में बचने और किसी की नजर में ना आने के लिए इन लोगों ने दमोह के डाकघर में फर्जी दस्तावेज जमा किए और उसमें गलत पते लिखे, जो जबलपुर शहर के थे। ये पासपोर्ट भोपाल से जारी किए गए थे।

दस्तावेजों में जबलपुर के इन क्षेत्रों के पते दर्ज कराए-

आरोपियों ने दस्तावेज में 300 मोतीनाला, तालाब सदर, 410 उपरैनगंज व 870 छोटी ओमती जैसे पते दर्ज कराए, जो वास्तविक नहीं थे।

5 में से 4 पासपोर्ट जारी हो चुके थे, जिसमें से 3 पासपोर्ट एटीएस ने जब्त कर लिए गए हैं। एक पासपोर्ट गलत पते के कारण पासपोर्ट कार्यालय वापस लौट गया था।

Related Articles

Latest News