TTE : ट्रेनों में आग लगने जैसी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रेलवे ने टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) की भूमिका को और अहम बना दिया है। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब टीटीई फायर फाइटर और रेस्क्यू कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। रेलवे प्रशासन ने 18 बिंदुओं वाला प्रोटोकॉल जारी किया है, जिसके अनुसार आग लगने की स्थिति में टीटीई सबसे पहले आरक्षण चार्ट की जांच करेंगे और यदि ट्रेन में कोई डॉक्टर यात्रा कर रहा होगा तो उसे तत्काल सहायता के लिए बुलाएंगे।
साथ ही निकटतम स्टेशन, कंट्रोल कार्यालय, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवा को तुरंत सूचना देंगे। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों की मदद करने और बचाव कार्यों में समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी टीटीई की होगी, ताकि किसी भी आपदा के दौरान नुकसान को कम से कम किया जा सके।
TTE :यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएंगे
गर्मी के दिनों में ट्रेनों में आग लगने पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. नई व्यवस्था के अंतर्गत आपात स्थिति में टीटीई केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि महत्वपूर्ण राहतकर्मी की भूमिका भी निभाएंगे. किसी ट्रेन में आग लगने की सूचना मिलते ही टिकट चेकिंग स्टाफ को तत्काल सक्रिय होना होगा. त्चरित बचाव कार्य शुरू हो, इसके लिए वो तत्काल सूचना साझा करेंगे. यात्रियों को घबराने से रोकेंगे और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे. आवश्यकता पडऩे पर यात्रियों को प्रभावित कोच से निकालकर अन्य सुरक्षित कोचों या स्टेशन परिसर के सुरक्षित हिस्सों में पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे.
TTE :रेलवे प्रशासन का मानना है कि ट्रेन में मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों के सबसे निकट होता है. ऐसे में दुर्घटना या आगजनी की स्थिति में अग्रिम पंक्ति में खड़े इन कर्मचारियों की तत्परता राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकती है. इसी उद्देश्य से उन्हें आपदा प्रबंधन और प्राथमिक राहत से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में ट्रेनों में आग लगने की कुछ घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई थी. समीक्षा के दौरान यह महसूस किया गया कि प्रारंभिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसी क्रम में टिकट चेकिंग स्टाफ की भूमिका को और अधिक जिम्मेदार तथा सक्रिय बनाया गया है. रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा और राहत कार्यों की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा.
TTE :टिकट चेकिंग स्टाफ को जारी की गई कुछ प्रमुख जिम्मेदारियां
ट्रेन में आग लगने या धुआं दिखाई देने की स्थिति में सबसे पहले घबराने के बजाय शांत रहकर हालात का त्वरित आकलन करना चाहिए। आग की सूचना मिलते ही अलार्म चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकने की प्रक्रिया शुरू करें और रनिंग स्टाफ को तुरंत जानकारी देकर ब्रेक बाइंडिंग जैसी संभावित वजहों की जांच कराएं। यात्रियों को रेलवे ट्रैक या दूसरी लाइनों पर जाने से रोकें तथा महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षित निकासी को प्राथमिकता दें।











