Wednesday, July 15, 2026
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E20 विवाद पर गडकरी बोले- शुद्ध पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा भुगतान करें

E20 : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसमें उनका कोई निजी हित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल देश में स्वच्छ, सस्ता और टिकाऊ ईंधन को बढ़ावा देना है। गडकरी ने दोहराया कि वह सिर्फ इथेनॉल ही नहीं, बल्कि मेथनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल और इलेक्ट्रिक वाहनों समेत सभी वैकल्पिक एवं पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों के समर्थक हैं। उनका कहना है कि भारत को आयातित पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने के लिए ऐसे ईंधनों को अपनाना समय की जरूरत है।
E20 : गडकरी ने अपने बेटों के कारोबार को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनके परिवार के व्यवसाय में इथेनॉल का योगदान बहुत सीमित है और इससे होने वाली आय का हिस्सा भी बेहद कम है. उन्होंने बताया कि इस कारोबार पर 1,600 करोड़ रुपये का कर्ज भी है. उन्होंने कहा, मेरे परिवार के पास पहले से एक चीनी मिल है. उसका संचालन मेरे बेटे करते हैं, जबकि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत संचालित होता है. इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है.

गडकरी ने कहा कि उनके बेटों के कारोबार में इथेनॉल का हिस्सा केवल 10 प्रतिशत है, जबकि पूरे देश के इथेनॉल उद्योग में उनकी फैक्ट्रियों की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से भी कम है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कारोबार को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक देश है और इसी कारण वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल गन्ने से बनने वाले इथेनॉल की वकालत नहीं करते. उनके अनुसार, देश में मक्के, पराली, बांस और चावल जैसे विभिन्न स्रोतों से भी इथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि हरियाणा के पानीपत में पराली से इथेनॉल बनाया जा रहा है, जबकि असम में बांस से और अन्य राज्यों में चावल से भी इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है. उन्होंने कहा कि ब्राजील कई दशकों से बड़े पैमाने पर इथेनॉल का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहा है और वहां इससे कोई समस्या नहीं हुई है.

100 प्रतिशत पेट्रोल उपलब्ध कराने के सवाल पर गडकरी ने कहा कि इसकी कीमत उपभोक्ताओं को अधिक चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि ई85 ईंधन की कीमत ई20 से भी कम है. साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और अमेरिका के पास तेल के बड़े भंडार हैं, जबकि इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देश भी तेजी से बायोफ्यूल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

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