Cyber : साइबर अपराध आज कानून-व्यवस्था के सामने तेजी से उभरती नई चुनौती है। तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी, डिजिटल अपराध एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक ओर जहां लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध की जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक एवं नवाचार का उपयोग भी निरंतर बढ़ाया जा रहा है।
तकनीक आधारित जांच को सरल और प्रभावी बनाने की पहल
साइबर अपराधों की जांच में डिजिटल साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न डिजिटल माध्यमों से प्राप्त जानकारी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। Investigation Camp के माध्यम से जांच अधिकारियों के सामने आने वाली ऐसी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे साइबर एवं डिजिटल अपराधों की जांच को अधिक व्यवस्थित, त्वरित और प्रभावी बनाया जा सके।
यह सम्मान किसी एक अधिकारी की उपलब्धि मात्र नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं साइबर क्राइम टीम के सामूहिक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है।
जनजागरूकता से लेकर तकनीकी नवाचार तक—साइबर अपराध के विरुद्ध बहुआयामी प्रयास
मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए रोकथाम, जनजागरूकता, त्वरित रिपोर्टिंग, तकनीकी जांच और कार्रवाई—इन सभी स्तरों पर लगातार कार्य कर रही है।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए वर्ष 2025 में ‘सेफ क्लिक’ अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इसके क्रम को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान संचालित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न वर्गों को ऑनलाइन ठगी से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में नागरिकों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुगम और त्वरित बनाने की दिशा में ई-जीरो एफआईआर जैसी पहल भी शुरू की गई है।
इसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से नागरिकों को पुलिस सेवाओं से अधिक सहजता से जोड़ना तथा साइबर अपराध की सूचना एवं कार्रवाई की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है।
बदलते साइबर अपराध के साथ पुलिसिंग में भी निरंतर बदलाव
साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों और तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में पुलिसिंग को भी पारंपरिक तरीकों तक सीमित न रखते हुए तकनीक, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिसिस, साइबर इंटेलिजेंस एवं नवाचार के माध्यम से लगातार सशक्त किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश पुलिस का प्रयास है कि नागरिक साइबर अपराध का शिकार होने से पहले ही सतर्क हों और अपराध घटित होने की स्थिति में बिना देरी पुलिस तक पहुंचें। इसी उद्देश्य से जनजागरूकता अभियानों के साथ-साथ साइबर अपराधों की जांच एवं कार्रवाई की क्षमता को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।









