नवंबर की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि दिन में तेज धूप के कारण तापमान में फिलहाल ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिल रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 5 नवंबर को प्रदेश के आठ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के 4 नवंबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है। हालांकि, प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। फिलहाल किसी भी जिले के लिए विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, इसलिए तेज आंधी या भारी बारिश जैसी स्थिति की आशंका नहीं जताई गई है।
राजधानी भोपाल की बात करें तो 5 नवंबर की सुबह हल्की धुंध या कोहरा देखने को मिल सकता है, जबकि दिन के समय आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, भोपाल में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
वहीं, अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इससे खासकर सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ सकता है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। ऐसे में प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा, जहां पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं, वहीं अन्य इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 नवंबर को पचमढ़ी में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गिरवर (शाजापुर) में 14.1 डिग्री, दमोह में 14.4 डिग्री, करौंदी (कटनी) में 15.2 डिग्री और अमरकंटक व रायसेन में 15.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर, शिवपुरी में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान की बात करें तो मंडला 33.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। ग्वालियर में 32.5 डिग्री, उज्जैन में 32.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं, अमरकंटक में सबसे कम अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री और पचमढ़ी में 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया।
मौसम में बदलाव के बीच मौसम विभाग ने किसानों को रबी फसलों की बुवाई को लेकर भी जरूरी सलाह दी है। किसानों को खेतों में मिट्टी की नमी और उपलब्ध पानी की स्थिति का आकलन करने के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी गई है। विभाग ने तोरिया और सरसों की बुवाई शुरू करने के साथ ही कम पानी की जरूरत वाली फसलों, जैसे चना, मसूर और सरसों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
इसके अलावा किसानों को खेतों की तैयारी, प्रमाणित बीज और खाद की व्यवस्था पहले से करने तथा मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर 5 नवंबर को मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने वाला है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के आठ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट से सुबह और रात की ठंड बढ़ सकती है।








