मध्य प्रदेश के मंदसौर में इस बार दीपावली का पर्व बेहद खास और भव्य होने जा रहा है। धनतेरस के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को मां महालक्ष्मी के अद्भुत और अलौकिक स्वरूप के दर्शन होंगे। शहर में पहली बार करीब 1 करोड़ रुपये की नगदी और सोने-चांदी के बेशकीमती आभूषणों से मां महालक्ष्मी का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। नोटों की आकर्षक सजावट, सोने-चांदी के आभूषणों और फूलों से सजा मां का दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस अनूठे आयोजन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है और धनतेरस से लेकर भाई दूज तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदसौर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। दीपोत्सव के अवसर पर शहर के दो प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। पहला आयोजन नरसिंहपुरा स्थित भगवान नरसिंह मंदिर परिसर में होगा, जहां कुलदेवी मां महालक्ष्मी का नगदी और आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया जाएगा। वहीं, न्याय परिसर स्थित श्री तोप वाले बालाजी मंदिर में भी मां महालक्ष्मी, कुबेर जी और बालाजी का विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहेगा।
नरसिंहपुरा स्थित अग्रवाल समाज के भगवान नरसिंह मंदिर परिसर में यह आयोजन अग्रवाल समाज देशी पंचायत के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस बार रतलाम की तर्ज पर मंदसौर में भी मां महालक्ष्मी का दरबार सजाने की विशेष तैयारी की गई है। श्रद्धालु धनतेरस से लेकर भाई दूज तक मां के इस भव्य स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे। अग्रवाल समाज देशी पंचायत के अध्यक्ष संजय मित्तल के अनुसार, मंदिर का नवनिर्माण और जीर्णोद्धार कार्य हाल ही में 27 जून को पूरा हुआ था।
मंदिर परिसर में भगवान नरसिंह के साथ कुलदेवी मां महालक्ष्मी और दादी रानी सती के विग्रह भी स्थापित हैं। इस वर्ष दीपावली को यादगार बनाने के लिए समाज के 200 से अधिक परिवारों ने एकजुट होकर मां महालक्ष्मी के दरबार को भव्य स्वरूप देने का निर्णय लिया है। मंदिर की सजावट के लिए 500, 200, 100, 50, 20 और 10 रुपये के नोटों की गड्डियों के साथ सोने-चांदी के आकर्षक आभूषणों का उपयोग किया जाएगा। इन नोटों और कीमती जेवरात से मंदिर परिसर को इस तरह सजाया जाएगा कि मां महालक्ष्मी का दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बने। धनतेरस के दिन धार्मिक अनुष्ठानों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
भागवताचार्य डॉ. देवेंद्र शास्त्री धारियाखेड़ी के सानिध्य में मां महालक्ष्मी सहस्रार्चन अभिषेक, 108 कनकधारा स्तोत्र पाठ और सौभाग्य श्रृंगार का आयोजन होगा। इस धार्मिक कार्यक्रम के बाद शाम 4 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मां महालक्ष्मी के भव्य दरबार के दर्शन शुरू होंगे। वहीं, रात 8 बजे ढोल-धमाकों और आतिशबाजी के बीच भव्य महाआरती की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन को और खास बनाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के बीच 251 किलो पेड़े का प्रसाद वितरित किया जाएगा। नगदी, सोने-चांदी के आभूषणों और भव्य धार्मिक अनुष्ठानों से सजा यह आयोजन मंदसौर में दीपावली उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनने जा रहा है। मां महालक्ष्मी के इस अनोखे श्रृंगार को देखने के लिए न केवल मंदसौर, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।







