Friday, October 23, 2026
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लू के प्रकोप से कैसे बचें: यहां जाने लू लगने के लक्षण एवं प्राथमिक उपचार

गर्मी का मौसम आरंभ हो चुका है और तापमान के औसत से अधिक होने की संभावना है, जिसके कारण देश के अधिकांश भागों में लू की स्थिति निर्मित हो सकती है।

सबको ये जानना जरूरी है कि लू के प्रकोप से कैसे बचें। वहीं लू की चपेट में आने के बाद क्या लक्षण उभरते हैं एवं इसके लिए प्राथमिक उपचार क्या हैं।

सूर्य दाह (Sunburn) 

सूर्य दाह से त्‍वचा पर लाल चकता, सूजन, फफोले, बुखार, सिरदर्द आदि लक्षण दिखाई देते हैं। इससे प्रभावित व्यक्ति को बार-बार नहलाएं। यदि फफोले निकल आएं हों तो स्‍टरलाइज अथवा ड्रेसिंग करें। चिकित्‍सक का परामर्श लें।

ताप के कारण शारीरिक ऐंठन (Heat Cramp)

पैरों, पेट की मांसपेशियों अथवा शरीर के बाहरी भागों में तकलीफदेह ऐंठन, अत्‍यधिक पसीना आना। प्रभावित को छायादार स्‍थल पर तत्‍काल ले जाएं। ऐंठन वाले शरीर के भाग को जोर से दबाएं तथा धीरे-धीरे सहलाएं। प्रभावित को शीतल जल, छाछ अथवा पना पिलाएं। यदि उबकाई आ रही हो, तो शीतल पेय पिलाना बंद कर दें तथा तत्‍काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्‍सा केन्‍द्र पर ले जाएं।

अत्‍यधिक थकावट एवं शारीरिक खिंचाव (Heat Exhaustion)

अत्‍यधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, शरीर ठंडा होना तथा पीला पड़ जाना, सिर दर्द, नब्‍ज कमजोर पड़ जाना, मूर्छित हो जाना, उल्‍टी आना, प्रभावित को छायादार स्‍थल पर लिटा कर शरीर पर ठंडा एवं गीले कपडे से स्‍पंजिंग करें। संभव हो तो उन्‍हें वातानुकूलित कमरे में ले जाए ।

ताप-दाह (Heat Stroke)

अत्‍यधिक बुखार, अत्‍यधिक गर्म एवं सूखी त्‍वचा, तेज नब्‍ज, बेहोशी हो सकती है। प्रभावित व्‍यक्ति को पसीना नहीं आएगा। यह अत्‍यंत चिंताजनक एवं चिकित्‍सा की दृष्टि से आपात स्थिति है। तत्‍काल 108 को बुलाऍ तथा प्रभावित को नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराएं। एम्‍बूलेंस आने तक उन्‍हें किसी शीतल वातानुकूलित स्‍थान पर ले जाएं। कपडों को ढीला एवं आरामदेह स्थिति में लिटाएं। उनके शरीर पर ठंडा एवं गीले कपडें से स्‍पंजिंग करें। किसी भी प्रकार के पेय पदार्थ पीने को नहीं दे। आवश्‍यकतानुसार सीपीआर शुरू करें।

लू से बचाव हेतु सावधानियां

पानी, छाछ, ओ.आर.एस. का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्‍सी, नीबूं पानी, आम का पना इत्‍यादि का सेवन कर तरो-ताजा रहें।

यथा संभव दोपहर 12 से 3 बजे धूप में बाहर निकलने से बचें।

धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें।

धूप में निकलने के पूर्व तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें।

सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्‍त्र पहनने से बचें।

अत्‍यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोंछें या कई बार स्‍नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्‍नान न करें।

गरिष्‍ठ, वसायुक्‍त, ज्‍यादा प्रोटीन वाले भोजन तथा अल्‍कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।

लू से बचाव के लिए प्‍याज का सेवन बहूत फायदेमंद माना जाता है। कच्‍ची प्‍याज खाने से शरीर की गर्मी निकल जाती है।

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