नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने की तैयारी: पीएम मोदी

नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने की तैयारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के आगरा में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण काम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि कोशिश है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पूरी दुनिया से निवेश आकर्षित किया जाए।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा ये हमेशा से मत रहा है कि टूरिज्म एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें हर किसी के लिए कमाई के साधन हैं।

सरकार ने न सिर्फ ई-वीसा स्कीम में शामिल देशों की संख्या में काफी वृद्धि की है, इसके साथ ही होटल रूम टैरिफ पर टैक्स को भी काफी कम किया है।
उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन और प्रसाद जैसी योजनाओं के माध्यम से भी टूरिस्टों को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से भारत अब ट्रेवल और टूरिज्म कंपीटिटिवनेस इंडेक्स में 34वें नंबर पर आ गया है। 2013 में भारत इसी इंडेक्स में 65वीं रैंक पर था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे उम्मीद है, जैसे-जैसे कोरोना की स्थिति सुधरती जा रही है, वैसे ही बहुत जल्द ही टूरिज्म सेक्टर की रौनक भी फिर से लौट आएगी। अब एक संपूर्णता की सोच से रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शहरों के विकास को ही लीजिए। शहरों के विकास के लिए हमने 4 स्तरों पर काम किया है। बीते समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो, जीवन ज्यादा सुगम हो, ज्यादा से ज्यादा निवेश हो और आधुनिक टेक्नॉलॉजी का उपयोग अधिक हो।

पीएम मोदी ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर की क्या स्थिति थी इससे हम भलीभांति परिचित हैं। घर बनाने वालों और घर खरीदारों के बीच भरोसे की एक खाई आ चुकी थी। कुछ गलत नीयत वाले लोगों ने पूरे रियल एस्टेट को बदनाम करके रखा था, हमारे मध्यम वर्ग को परेशान करके रखा था।

उन्होंने कहा कि इस परेशानी को दूर करने के लिए रेरा का कानून लाया गया। हाल में आई कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस कानून के बाद मिडिल क्लास के घर तेज़ी से पूरे होने शुरु हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शहरों का जीवन आसान बनाने के लिए आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से लेकर हाउसिंग तक चौतरफा काम चल रहा है। यहां आगरा से ही प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए 1 करोड़ से ज्यादा घर स्वीकृत हो चुके हैं।