गमन और ठहराव- अनुजीत इकबाल

सूर्य का आकाशगंगा में
अपरिचित सा मार्ग
विचरण करता जिसके गिर्द
वो श्रोत केंद्र अज्ञात
समस्त तारागण और नक्षत्रपथ
सतत हैं गतिवान
वेगित सागर के खेल से
बोझिल नीरव चट्टान
बिन सरवर के पानी सी धरा
घूमती निरंतर बदहवास
सब कुछ है आंदोलित सा
अस्तित्व का अक्षयतूणीर परिहास
अनवरत चलते इस नृत्य में
स्थिरप्रज्ञ होने की आस
क्योंकि
घटित एक ही समय पर होता
गमन और ठहराव

-अनुजीत ‘इकबाल’

परिचय-
नाम– अनुजीत ‘इकबाल’
पता- मकान नम्बर 4, राम रहीम एस्टेट, मलाक रेलवे क्रोसिंग के पास, नीलमथा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश- 226002
ईमेल पता – [email protected] gmail.com
जॉब- एक्स इंग्लिश लेक्चरर

किताबें प्रकाशित-
• Radical English for nurses
• Applied grammar and composition
• The inner shrine { novel}
• Psychology and psychiatry for nurses

सम्मान-
• 2018 -लखनऊ में 16 वें पुस्तक मेले द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की अंग्रेजी कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एवं सम्मान।
• 2019- लखनऊ में 17वें पुस्तक मेले द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की हिंदी कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एवं सम्मान
• चित्रगुप्त प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा “कबीर से संवाद” कविता के लिए प्रशस्ति पत्र
• नये पल्लव मंथन द्वारा “सुजाता के बुद्ध” कहानी के लिए प्रशस्ति पत्र
• “वीणापाणि सम्मान” छत्तीसगढ़ से
• “साहित्य श्री” रु-ब-रु फॉउंडेशन, लखनऊ से
• श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान हिंदी साहित्य संस्थान से
• दो दर्जन से अधिक प्रशस्ति पत्र विभिन्न संस्थाओं द्वारा

शौक-
•अंग्रेजी एवं हिंदी की कविता, कहानियां लिखना।
• ऐक्रेलिक पेंटिंग बनाना {आध्यात्म पर}
• शास्त्रीय संगीत सुनना