भ्रष्टाचार और अपराध- वीरेन्द्र तोमर

भ्रष्टाचार और अपराध पुरी दुनिया में अमरबेल की तरह फैला हुआ है। इसके समुल निवारण हेतु समय समय पर विभिन्न देशों की सरकारों व संगठनों द्वारा अनेक अथक प्रयास किये जाते रहे, किंतु सब बौने ही साबित हुये हैं। यदि भ्रष्टाचार और अपराध ज़ड़ समाप्त हो जाये तो दुनिया से भुखमरी को सदा के लिये तिलांजली दी जा सकती है। इसे समाप्त करने तरीका निहायत ही अत्यंत सरल व आसान है। किंतु, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी व निज स्वार्थवश किसी भी देश ने इसमें रूची नहीं दिखाई। फलत: अमीर और अमीर होता जा रहा है तथा गरीब और गरीब।
यह बिडम्बना है सम्पूर्ण जगत की, कि आज तक कोई विद्वान, विचारक, नेता या राष्ट्राध्यक्ष इसके लिये आगे नहीं आ सका। हम जहाँ पर पहले खड़े थे, वहीं पर आज भी खड़े नज़र आ रहे हैं।
वर्ष 2011 में भारत में विख्यात समाज सेवी अन्ना हजारे द्वारा अपूर्ण प्रयास किया गया। INDIA AGAINST CORRUPTION का बैनर दिया गया तथा एक अनूठा आंदोलन खड़ा भी हुआ किंतु अधूरी सोच व चन्द स्वार्थी लोगों की बजह से आंदोलन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
अन्ना आंदोलन के बाद स्वामी रामदेवजी ने भी आंदोलन खड़ा करने का प्रयास किया, किंतु वह भी तत्कालीन सरकार ने कुचल दिया व स्वामी रामदेव को नर से नारी रुप धारण कर राम लीला मैदान से मध्य रात्रि को भाग कर प्राण बचाने पड़े। उसके बाद किसी ने भी आज तक भ्रष्टाचार और अपराध के साहस नहीं ज़ूटा पाया।
तत्कालीन भारत की सरकार को सत्ता गंवानी पड़ी परंतु नई सरकार का आगमन भ्रष्टाचार रूपी घोर अंधकार में खध्योत्स ही साबित हुआ। आज छह वर्ष बीत जाने के बाद भी इस सरकार ने पूर्ववर्ती सरकारों की कमियों को ढूंढने में बिता दिये पर अंजाम जनता के सामने ही है।
वर्तमान सरकार ने हलके-फुलके प्रयास तो किये, पर इस धीमी गति से भ्रष्टाचार और अपराध को समाप्त करने में कम से कम पचास वर्ष लग जायेंगे। जबकि 90 दिनों में भ्रष्टाचार और अपराध को ज़ड़ से समाप्त किया जा सकता था।
इसे समाप्त करने का फार्मूला निर्धन समाज पार्टी ऑफ इंडिया ने जारी किया व पूर्व व वर्तमान सरकार को सुझाया भी पर अस्तित्वविहीन दल के द्वारा दिया गया फार्मुला को लागू करने में रूची नहीं दिखायी।
अब पूरी दुनिया कोरोना जैसी घातक महामारी की चपेट में आ चुकी है। देश ही नहीं दुनिया के विकसित देश भी घबराये हुये हैं। भारत ही नहीं वरन सम्पूर्ण जगत की विकास दर लुढ़क कर नीचे आ गयी है। इस बीमारी की रोकथाम हेतु कोई उपाय नहीं मिल रहा है। इस कोरोना के समाप्त होने के बाद पूरी दुनिया भ्रष्टाचार और अपराध की चपेट आ सकता है।

(इसके आगे पढ़ने हेतु अगले अंक की प्रतिक्षा करें। अगले अंक में 100% भ्रष्टाचार और अपराध को सरलता से 90 दिनो के भीतर समाप्त करने का फार्मूला बताया जायेगा)

-वीरेन्द्र तोमर