TIK TOK संसकृत के लिये घातक

टिक टॉक आज भारतीय संस्कृत को समाप्त कर रहा है तथा ना जाने कितने बच्चे VIDEO SHOOT और LIKE के चक्कर में अपनी जान गंवा चुके है। TIK TOK APP को भारत में निषेध करने हेतु हमारे लोक तंत्र के मंदिर लोक सभा में भी कई बार चर्चा तो हुई पर हम आज तक इसे रोकने में असफल साबित हुये हैं।
फलत: हमारे अनेक बच्चे इसकी भेंट चढ गये। तिक टोक ने मनोरंजन के नाम पर भारतीय संस्कृत को तार तार कर दिया। भारतीय संस्कृत को ही नहीं बल्की अमेरिका को संस्कृत को तहस नहस करने की चाइना की एक सोची समझी विदेशनीति का हिस्सा है। इसे बनाने वाला खुद अपने देश में रोक लगा के रखे है, पर हम इतने सीधे और भोले हैं कि इसे नहीं रोक पा रहे हैं।
टिक टोक चाइना के संस्थापक ZGANG YIMING के द्वारा 2012 मे स्थापित हुई कंपनी BYTEDANCE ने सन 2016 में Douyin शहर में TIK TOK को सोशल बता कर चालू करने के तुरंत बाद 2 अगस्त 2018 को अमेरिका में शुरु करते ही चाइना में बंद कर दी गयी।
टिक टोक आज सम्पूर्ण जगत की समाज के लिए अभीषाप साबित हो रही है। इसे यदि समय रहते नहीं रोका गया तो दूर गामी परिणाम बड़े ही समाज के लिए घातक साबित होंगे।

-वीरेन्द्र तोमर