जीवन में बदलाव लगाया पंचग्रही योग: सूर्य, बुध, शुक्र, केतु और चंद्रमा रहेंगे एक लग्न में

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता
प्रश्न कुंडली एवं वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ

मध्य प्रदेश स्थित सागर नगर के समय के अनुसार 26 अक्टूबर 2022 की दोपहर 13:23 बजे से 27 अक्टूबर 2022 को प्रातः 7:43 बजे तक पंचग्रही योग बन रहा है। इस योग में सूर्य, बुध, शुक्र, केतु और चंद्रमा एक साथ तुला लग्न में रहेंगे। इस अवधि में सूर्य 8.53 अंश का, बुद्ध 0.16 अंश का, चंद्रमा 22.29 अंश का, शुक्र 9.48 अंश का और केतु 19.32 अंश का रहेगा। केतु के कारण सूर्य और चंद्रमा ग्रहण योग में रहेंगे। केतू और सूर्य के बीच में करीब 10 अंश से ज्यादा का अंतर है। अतः यह ग्रहण योग कम प्रभावशाली रहेगा। चंद्रमा के साथ यह अंतर करीब तीन अंश का है अतः ज्यादा प्रभावशाली रहेगा।

इस ग्रहण योग का प्रभाव विभिन्न लग्न वाले जातकों के लिए अलग अलग रहेगा। सूर्य के साथ समीप होने के कारण बुध और शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे। हम सभी जानते हैं तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है। अतः सूर्य अपने नीच राशि में, बुध और केतु अपने मित्र के घर में, चंद्रमा सम ग्रह के घर में और शुक्र स्वयं के घर में रहेगा। इसके कारण सूर्य कमजोर रहेगा, शुक्र मजबूत होगा तथा बुध और केतु भी मजबूत रहेंगे।

मकर राशि में बैठे हुए शनि की दशम दृष्टि इन सभी ग्रहों पर रहेगी। शुक्र के साथ बैठे होने के कारण सूर्य नीच भंग राजयोग बनाएगा तथा जिस भी भाव में बैठा होगा उस को मजबूत करेगा। इसके अलावा जब जब सूर्य 3, 6, 8 या बारहवें भाव में होगा। पुनः नीच भंग राजयोग बनाएगा। इसके अलावा मंगल और शुक्र  जब जब केंद्र में आएंगे नीच भंग राज योग बनेगा। इस प्रकार सभी लग्नों इस प्रकार के नीच भंग राज योग भी बनेंगे। इस प्रकार हम कह सकते हैं, नीच भंग राजयोग के कारण सूर्य अगर अच्छे भाव पर रहेगा के बहुत अच्छे फल देगा।

आप सभी को चाहिए कि आप इस योग के पहले पडने वाले सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें तथा अगर संभव हो तो अगले सोमवार तक लगातार प्रतिदिन इस कार्य को करते रहे। इसके अलावा 26 तारीख के पहले के रविवार से अगले रविवार तक लगातार आदित्य हृदय स्त्रोत का प्रतिदिन पाठ करें। आइए अब हम लग्न के अनुसार फलादेश करते हैं। यह योग 26 अक्टूबर के 13:23 से प्रारंभ हो रहा है।

मेष लग्न

मेष लग्न की कुंडली में यह योग सप्तम भाव में बन रहा है। आपके जीवन साथी को अत्यंत सुख मिलेगा। दांपत्य जीवन उत्तम होगा। व्यापार अच्छा चलेगा। अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो कार्यालय में आप को कष्ट नहीं प्राप्त होगा। आपको चाहिए कि आप सफेद पदार्थ का दान करें।

वृष लग्न

वृष लग्न की कुंडली में यह योग छठे भाव में बन रहा है। यह समय आपके लिए अत्यंत उत्तम रहेगा। आपके सभी कार्य जिनको आप करना चाहोगे संपन्न हो सकते हैं। भाग्य आपका भरपूर साथ देगा। आपको चाहिए कि आप इस अवधि में आदित्य हृदय स्त्रोत का जाप करें।

मिथुन लग्न

मिथुन लग्न में यह योग पंचम भाव में बन रहा है। जिसके कारण आपको धन की प्राप्ति होगी। छात्रों की पढ़ाई उत्तम रहेगी। बच्चों से आपको बहुत अच्छा सहयोग मिलेगा। धन आने का योग है। छोटी मोटी दुर्घटना हो सकती है। आपको चाहिए कि आप मंगलवार के दिन हनुमान जी का दर्शन करें और हनुमान चालीसा का जाप करें।

कर्क लग्न

कर्क लग्न के जातकों के लिए यह योग अत्यंत उत्तम है। कर्क लग्न के जनप्रतिनिधियों को अत्यंत प्रसिद्धि मिलेगी। आप अपने सुख का कोई सामान प्राप्त करेंगे। कार्यालय में आपको अपने अधिकारियों से तनाव का सामना करना पड़ेगा। आपको चाहिए कि आप किसी कन्या को सफेद वस्त्र का दान दें।

सिंह लग्न

आपकी कुंडली के गोचर में यह योग तृतीय भाव में है। इस योग के कारण आपका अपने भाई बहनों से बहुत अच्छा संबंध रहेगा। आपको भाग्य से कम मदद मिलेगी। आपको चाहिए कि आप भगवान शिव का अभिषेक करवाएं।

कन्या लग्न

आपको धन की प्राप्ति होगी। किसी बड़े एक्सीडेंट से आप बचेंगे। संतान से आपको सहयोग प्राप्त होगा। आपका स्वास्थ्य अत्यंत उत्तम रहेगा। कार्यालय में आपको थोड़ी तकलीफ हो सकती है। आपको चाहिए कि आप इस सप्ताह सफेद पदार्थों का दान दें।

तुला लग्न

इस लग्न के जातकों के लिए यह योग स्वास्थ्य में वृद्धि करेगा। जीवनसाथी को कष्ट होगा। भाग्य ठीक-ठाक साथ नहीं देगा। इस इस लग्न के लोगों को आवश्यक रूप से सोमवार को शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।

यह योग कम समय का होने के कारण वृश्चिक और धनु लग्न वालों के लिए असरकारक नहीं होगा। उनके लिए चार ग्रहों का योग बन रहा है, जिसका परिणाम निम्नानुसार होगा-

वृश्चिक लग्न

कचहरी के कार्य में सफलता प्राप्त होगी मुकदमे बाजी में आप जीतेंगे संतान से प्राप्त सुखों में कमी आएगी आपको चाहिए कि आप गुरुवार का व्रत करें और उस दिन भगवान राम या कृष्ण के मंदिर में जाकर उनकी पूजा करें।

धनु लग्न

यह योग आपके लिए धन प्राप्ति का संदेश लेकर आया है। आपको उत्तम धन प्राप्ति होगी। आपको अपने संतान से सुख मिलेगा और संतान को भी सुख प्राप्त होगा। छात्रों की पढ़ाई उत्तम चलेगी। कार्यालय में आपको सफलता प्राप्त होगी। आपको चाहिए कि आप राम रक्षा स्त्रोत का जाप करें।

मकर लग्न

मकर लग्न के जातकों के लिए पंचग्रही योग दशम भाव में बन रहा है। उनके अपने व्यवसाय में उन्नति प्राप्त होगी। अगर वह नौकरी करते हैं तो उनको प्रमोशन मिल सकता है। शत्रु समाप्त होंगे। प्रसिद्धि बढ़ेगी। भाइयों से संघर्ष हो सकता है। आपको चाहिए कि आप किसी कन्या को सफेद वस्त्र का दान दे।

कुंभ लग्न

कुंभ लग्न के जातकों के भाग्य भाव में यह योग बन रहा है। अतः उनका भाग्य तेजी से कार्य करेगा। उनके अधिकांश कार्य संपन्न होने लगेंगे। कुछ नए शत्रु बनेंगे। पुराने समाप्त नहीं होंगे। संतान को कष्ट हो सकता है। धन की कमी होगी। आपको चाहिए कि प्रतिदिन गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार अर्थात एक माला जाप करें।

मीन लग्न

मीन लग्न की कुंडली में यह योग अष्टम भाव में बन रहा है। धन आने का अच्छा योग बन रहा है। पंचग्रही योग कारण आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। आपको चाहिए कि आप महामृत्युंजय का 12000 मंत्रों का जाप करवाएं ।

यह योग अत्यंत मजबूत है और सूर्य ग्रहण काल के बाद पड़ रहा है। ग्रहों का प्रभाव प्रभाव भारत के अलावा यूरोप दक्षिण पश्चिम एशिया तथा अफ्रिका में भी दिखाई देगा इस बात की पूरी संभावना है। ऐसी संभावना है कि इस योग के कारण इस अवधि के उपरांत रूस और यूक्रेन युद्ध की समस्या का समाधान हो सके।

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