वर्तमान में मंगल ग्रह तुला राशि मैं भ्रमण कर रहा है तथा 4 दिसंबर को 5:29 बजे रात अंत से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। तुला राशि का स्वामी शुक्र है, जो मंगल से सम भाव रखता है, अर्थात वर्तमान में मंगल न तो अपने मित्र के घर में है और ना ही शत्रु के घर में।

वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल स्वयं है और वृश्चिक राशि में प्रवेश के उपरांत मंगल स्वराशि का होने के कारण अत्यंत ताकतवर स्थिति में हो जाएगा। मंगल के शक्ति के बढ़ने के कारण इसका विभिन्न राशियों पर अलग अलग रहेगा जोकि निम्न वत है।

मेष राशि
मेष राशि के जातकों का स्वामी मंगल स्वयं होता है। इसके अलावा मंगल इनके आठवें भाव का स्वामी भी है। आठवां भाव मृत्यु का भाव होता है। अतः दुर्घटना होने पर भी मेष राशि के जातकों को ज्यादा चोट नहीं आएगी। आठवें भाव से मंगल एकादश भाव तृतीय भाव तथा तृतीय भाव को देख रहा है, जिसके कारण मेष राशि के जातकों को अपने भाई बहन का सहयोग नहीं मिलेगा। साथ ही अल्प मात्रा में धन लाभ होगा। कुल मिलाकर मेष राशि के लिए मंगल का वृश्चिक राशि में गमन मिश्रित फलदाई है।

वृष राशि
वृष राशि के जातकों के द्वादश भाव एवं सप्तम भाव का स्वामी मंगल है। वृश्चिक राशि में गमन के उपरांत मंगल सप्तम भाव में रहेगा। वृष राशि के जातकों के शादी के अच्छे प्रस्ताव आएंगे। ऑफिस में इनका अच्छा प्रभाव रहेगा। जीवन साथी के स्वास्थ्य में थोड़ी खराबी आ सकती है। धन की कमी होगी। इस प्रकार मंगल वृष राशि के जातकों के लिए मिश्रित फलदाई है।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के छठे और एकादश भाव का स्वामी मंगल है। वृश्चिक राशि में गमन के उपरांत मंगल छठे भाव में रहेगा। यहां पर मंगल के होने के कारण सभी शत्रु परास्त होंगे। भाग्य सामान्य रहेगा खर्चे में कमी आएगी तथा जातक का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इस प्रकार मिथुन राशि वालों के लिए भी मंगल का यह भ्रमण मिश्रित फलदाई है।

कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल पंचम भाव और दशम भाव का स्वामी है। वृश्चिक राशि में भ्रमण के उपरांत वह पंचम भाव में रहेगा। मंगल के पंचम भाव में होने के कारण कंपटीशन में आपको सफलता मिलेगी। संतान से सुख प्राप्त होगा। अगर कोई दुर्घटना होती है तो आपको चोट नहीं आएगी। धन की कम प्राप्ति होगी तथा खर्चे में कमी आएगी।

सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के भाग्य भाव एवं सुख भाव का स्वामी मंगल है। वृश्चिक में गमन करने पर यह चतुर्थ भाव अर्थात सुख भाव में रहेगा। सुखेश होने के कारण मंगल आपको सुख प्रदान करेगा। इस अवधि में हो सकता है कि आप वाहन घर आदि खरीद लें। आपके जीवनसाथी को पीड़ा हो सकती है। कार्यालय में आपका प्रबुद्ध बढ़ सकता है। धन की प्राप्ति में कमी आएगी।

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के पराक्रम भाव और अष्टम भाव का स्वामी मंगल होता है। वृश्चिक राशि में मंगल के प्रवेश के उपरांत जातक के पराक्रम में वृद्धि होगी उसको बहुत क्रोध आएगा। भाग्य सामान्य रहेगा। ऑफिस के कार्य होने में परेशानी होगी। इस प्रकार मंगल का वृश्चिक राशि में प्रवेश कन्या राशि के जातकों के लिए उत्तम नहीं है।

तुला राशि
तुला राशि के जातकों के धन भाव तथा सप्तम भाव का स्वामी मंगल होता है। मंगल के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के उपरांत तुला राशि के जातकों को धन लाभ होगा। जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है। छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। भाग्य से कोई मदद प्राप्त नहीं होगी।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लग्न और छठे भाव का स्वामी मंगल होता है। वृश्चिक राशि में प्रवेश के कारण वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल अच्छा फल देगा। उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सुख में वृद्धि होगी जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। छोटी मोटी दुर्घटना भी हो सकती है। वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का यह गमन लाभदायक नहीं है।

धनु राशि
धनु राशि के जातकों के द्वादश भाव और पंचम भाव का स्वामी मंगल है तथा वृश्चिक राशि में गमन करने के उपरांत वह द्वादश भाव में रहेगा। धनु राशि के जातकों के शत्रु परास्त होंगे कचहरी के मामले में विजय प्राप्त होगी, क्रोध में वृद्धि होगी तथा जीवन साथी को कष्ट हो सकता है।

मकर राशि
मकर राशि के जातकों के चतुर्थ एवं एकादश भाव का स्वामी मंगल होता है। 5 दिसंबर के उपरांत मंगल मकर राशि के जातकों के एकादश भाव में होगा, जिसके कारण व्यापार में लाभ प्राप्त होगा, धन की प्राप्ति होगी, संतान से सहयोग प्राप्त होगा और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के तृतीय भाव दशम भाव का स्वामी मंगल होता है। वृश्चिक राशि में गमन के उपरांत मंगल दशम भाव में रहेगा। कुंभ राशि के जातकों के ऑफिस के सभी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होंगे स्वास्थ्य ठीक रहेगा। सुख में वृद्धि होगी। बच्चों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा।

मीन राशि
मीन राशि के जातकों के द्वितीय भाव एवं नवम भाव का स्वामी मंगल होता है। 5 दिसंबर के उपरांत मंगल इनके भाग्य भाव में होगा। जिसके कारण इनके भाग्य में वृद्धि होगी। भाग्य के कारण आपके कई कार्य संपन्न हो जाएंगे। खर्चे में कमी आएगी। क्रोध में वृद्धि होगी एवं सुख में कमी आएगी।

पं अनिल कुमार पाण्डेय
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता
एस्ट्रो साइंटिस्ट और वास्तु शास्त्री
स्टेट बैंक कॉलोनी, मकरोनिया,
सागर, मध्य प्रदेश-470004
संपर्क-7566503333