सर्दियों का पौष्टिक और लजीज व्यंजन- हल्दी का हलवा

सर्दियों के मौसम का बेहद लजीज व्यंजन हल्दी का हलवा। खूब सारे अदरक, मेवा, गरम मसालों और घी के साथ। बिहार-झारखंड के हर घर में ये हलवा बनता है, बच्चों के जन्म के बाद, ताकि नई माँ की कमजोरी जल्दी खत्म हो और शारीरिक ताकत और अंदरूनी गर्मी आये। ये जोड़ों के दर्द और सर्दी खाँसी के लिये अचूक देशी दवा भी है। साथ ही इसमें महिलाओं में पीरियड्स से सम्बंधित होने वाली लगभग सारी समस्याओं को खत्म करने की तासीर भी होती है।

सामग्री-

250 ग्राम कच्ची हल्दी
250 ग्राम अदरक
150 ग्राम मेवा (काजू, किशमिश, बादाम)
दो चम्मच जीरा और कुटी हुई काली मिर्च
250-300 ग्राम गुड़

विधि-

सबसे पहले काजू, किशमिश, बादाम को दो तीन घंटे दूध में भिगो दीजिये। अदरक हल्दी को मिक्सी में पीस लीजिये। अब कढ़ाई में घी ले लीजिये। इसमें दो चम्मच जीरा और काली मिर्च (कुटी हुई ) डाल दीजिये। फिर अदरक हल्दी का पेस्ट डाल कर धीमी आँच पर खूब बढ़िया से भूनिये। मेवा को भी दूध के साथ पीस कर इस मिश्रण में मिला दीजिये। अब 250-300 ग्राम गुड़ (स्वादानुसार क्योंकि अदरक का स्वाद कड़वा होता है) डाल कर भूनते रहिये।

इसके पश्चात सौंफ, दालचीनी पाउडर और आजवाइन, कलोंजी थोड़ा डाल दीजिये। जब हलवा घी छोड़ने लगे तो गैस बंद कर दें और ठंडा होने पर शीशे के बाऊल या जार में स्टोर कर लें। ये हलवा ठंड के सीजन में फ्रिज के बाहर भी 15-20 दिनों तक आराम से रहता है। नहीं तो फ्रिज में रखें।

रेसिपी: स्मिता सिन्हा