कर्मचारी संघ से लगाई कमिश्नर से गुहार: जीपीएफ अदालत के प्रति आहरण संवितरण अधिकारियों में उदासीनता

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) द्वितीय मध्यप्रदेश ग्वालियर द्वारा जबलपुर संभाग के जीपीएफ से संबंधित शिकायतों के त्वरित निकरारण हेतु 21 जुलाई 2022 को सुबह 10 बजे से मानस भवन जबलपुर में जीएफएफ अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उक्त अदालत में जीपीएफ अभिदाता कर्मचारी, शिक्षक को अपने जीपीएफ की सत्यापित पास-बुक वाउचर नम्बर, आहरण से संबंधित समस्त जानकारी लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिये गये हैं। 

संघ ने कहा कि उक्त सभी आवश्यक अभिलेख संबंधित अभिदाता को अपने आहरण संवितरण अधिकारी के माध्यम से ही उपलब्ध हो सकेंगे। किन्तु शिविर को लेकर संभाग के आहरण संवितरण अधिकारियों में कोई जागरूकता नहीं दिख रही है, जिससे जीपीएफ अदालत में प्रकरणों का निराकरण संभव नहीं दिख रहा है। यदि जीपीएफ अदालत में संभाग के समस्त आहरण संवितरण अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे तो ही अभिदाता के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सकेगा।

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, अटल उपाध्याय, मुकेश सिंह, मंसूर बेग, आलोक अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, सुरेन्द्र जैन, पंकज शर्मा, राकेश तिवारी, कमलेश यादव, डॉ संदीप नेमा, डीके नेमा, नितिन अग्रवाल, श्यामनारायण तिवारी, मनोज सेन, योगेन्द्र मिश्रा, गगन चौबे, शुभसंदेश सिंगौर, प्रमोद वर्मा, मो तारिक, धीरेन्द्र सोनी, संतोष तिवारी, महेश कोरी, राकेश दुबे, गणेश उपाध्याय, मनीष लोहिया, महेश कोरी, विनय नामदेव, पवन ताम्रकार, प्रियांशु शुक्ला, आदि ने कमिश्नर जबलपुर संभाग से मांग की है कि जीपीएफ अदालत में संभाग के समस्त आहरण संवितरण अधिकारियों की लंबित प्रकरणों सहित उपस्थिति अनिवार्य की जाये ताकि अदालत में जीपीएफ अभिदाता कर्मचारी, शिक्षक के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सके।