रिटायर होने वाले हैं हजारों विद्युत अधिकारी-कर्मचारी और अभी तक नहीं बना पेंशन फंड

मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल और उसकी उत्तरवर्ती विद्युत कंपनियों से अगले कुछ समय में हजारों की संख्या में विद्युत अधिकारी-कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं और अभी तक पेंशन फंड की स्थापना ही नहीं हो सकी है।

मप्रविमं तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रान्तीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मप्र राज्य विद्युत मण्डल की सभी उत्तरवर्ती कम्पनियों में अभी भी हजारों की संख्या में नियमित कर्मचारी और अधिकारी पदस्थ हैं, जो आगामी दो-तीन वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

इसके उपरान्त उन्हें दी जाने वाली पेन्शन के फंड की स्थापना के लिये विद्युत कम्पनी प्रबन्धन और राज्य सरकार द्वारा कोई सकारात्मक पहल शुरू ही नहीं की गई है। विगत मार्च-अप्रैल के माह में सेवानिवृत्त हुए अनेकों कर्मचारियों को अभी तक पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

तकनीकी कर्मचारी संघ द्वारा  विद्युत कंपनियों के प्रबन्धनों और राज्य सरकार को पूर्व में कई बार पत्रों एवं द्विपक्षीय वार्ता में इस संवेदनशील मुद्दे पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की गई, किंतु आज पर्यन्त तक सिवाय आश्वासन के कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में चिन्ता और तीव्र आक्रोश व्याप्त है। संघ के पूर्व महासचिव रमेश रजक, एस.के. मौर्य, के.एन. लोखण्डे, जेके कोष्टा, शशि उपाध्याय,अजय कश्यप, मोहन दुबे, राज कुमार सैनी, टी. डेविड, के.आर. जोशी, मदन पटेल, विनय सिंह ठाकुर सहित सभी संघ पदाधिकारियों द्वारा राज्य शासन और कम्पनी प्रबन्धनों से शीघ्र ही पेंशन फण्ड स्थापना की मांग की गई है।