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हवाओं से पैगाम लिखवाती- अनिता सैनी

ह्रदय में करुण रागिनी सांसे विचलित कर जाती मिटे माटी के लाल क्यों सुकून की नींद आ जाती? हाहाकार गूंज रहा कण-कण में स्मृति दौड़ आ जाती वेदना असीम ह्रदय...

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