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मन का दर्पण: अतुल पाठक

कविता मन का इक दर्पण है,इस दिल से उसको अर्पण है ये आवारा नादाने-दिलमोहब्बत में समर्पण है

मैं तुम्हें पढ़ नहीं पाती: सोनल ओमर

तुम एक खुली किताब से रहते हो,फिर भी मैं तुम्हें पढ़ नहीं पातीकोशिश करती हूँ शब्दों में ढालने की,पर रचनाओं में...

सत्य सनातन राम: प्रार्थना राय

लाख करें संघर्ष तो क्याप्रयोजन अपना पाना हैपथ में आये कितने रोडे़मार्ग में नहीं अकुलाना है लाख...

बाबुल की बिटिया: ममता शर्मा

परियों के देश से आईएक नन्हीं सी परीमाँ के आँचल की छाँवऔरपिता के प्यार-दुलार के बगिया में पली प्यारी सी एक कली

आईना जिंदगी का: सुनील माहेश्वरी

हौसला है तो यारोंकुछ काम कर डालोअपना वक़्त जिंदगी में,अपने नाम कर डालो छोड़ दो ये दुनियाकिसको...

दास्तान हकीकत की: प्रार्थना राय

दास्तान हकीकत कीज़माना सुनाएगाफ़रेब के फरिश्तों के बीचसच की कहानी छोड़ जाएंगे रोशनी का जहांबसा के जाएंगेअंधेरा...

नारी दिवस: गौरी शंकर वैश्य

नारी दिवसवर्ष में एक दिनक्यों नहीं नित्य कर्मठ नारीघर की उजियारीकभी न हारी

मन की बात: प्रार्थना राय

मन की व्यथा के कड़वे सत्य कोशब्दों के ज़रिए कागज पे बिखेर रहीलिख रही, मन मसोसकरअंतस की टीस चीख  रही

उपेक्षा: जसवीर त्यागी

एक हरे-भरे पौधे कोतुम घर लाते होचाव से देते हो खाद-पानी मुरझाने से बचाते होउसे बढ़ता, खिलता,...

मनमोहिनी: प्रियंका त्रिपाठी

मन को छू ले ऐसी है कायाऐसे ही फलती रहे देती है छाया तुझे बार बार मै...

बुलंद हौसले: प्रियंका सिंह

बुलंद थे उनके हौसले इस जहां मेंजीये भी वतन के लिएमरे भी वतन के लिएकश्मीर की वादियों में आँधी तूफान से...

पूर्ण निष्ठा: गौरी शंकर वैश्य

द्रवित करती नित्य दुर्घटना मुझेकभी ज्वालामुखी सा फटना मुझे ब्रज में रहना है नियम अनुकूल हीनाम राधा...

डिजिटल प्यार: रूची शाही

वाकई प्यार डिजिटल हो गयापर भावनाएं कभी डिजिटल नहीं हो सकतीक्योंकि बिन देखे, बिन छुएतुम इस दिल में धड़कते रहे

मिट्टी और फूल: जसवीर त्यागी

डाल से टूटा हुआ फूलफिर से डाल परलग नहीं सकता वह मुरझाकर,सूखकरमिट्टी में मिल सकता है

हौसला: अतुल पाठक

मुसीबतों का पहाड़ इक दिन कट ही जाएगा,जज़्बे कायम रख, सफलता इक दिन ज़रूर पाएगा यकीन कर...

काल का प्रवाह: प्रार्थना राय

स्मृतियों पर छाया कोहरा ,अंतराल पर किसका पहरा,समय की प्राचीर पर, उम्र का छाप पड़ा गहरा धुंध...

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