iPhone 18 Pro सीरीज की एंट्री के बीच पिछले मॉडल iPhone 17 Pro ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसकी चर्चा टेक जगत में खूब हो रही है। ताइवान की मोबाइल केस बनाने वाली कंपनी RhinoShield ने अपने केस की मजबूती परखने के लिए iPhone 17 Pro को धरती से करीब 30 किलोमीटर से ज्यादा ऊंचाई से गिराने का अनोखा टेस्ट किया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फोन को नीचे भेजते समय उसके साथ किसी पैराशूट का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके बावजूद फोन जमीन पर पहुंचने के बाद काम करता मिला। इस अनोखे ड्रॉप टेस्ट को Guinness World Records में भी दर्ज किया गया है।
30,607 मीटर की ऊंचाई से हुई ड्रॉप
इस पूरे एक्सपेरिमेंट को उत्तरी स्वीडन के ऊपर अंजाम दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक iPhone 17 Pro को 30,607 मीटर यानी करीब 30.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाया गया और वहां से नीचे गिराया गया। इस टेस्ट के दौरान फोन पर एक कैमरा भी लगाया गया था, ताकि पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया जा सके।
इस खतरनाक ड्रॉप टेस्ट को 24 जून को Kiruna स्थित Esrange Space Center के पास अंजाम दिया गया था। RhinoShield ने इस प्रयोग को अपने मोबाइल केस की मजबूती दिखाने के लिए किया था।
Aerospace कंपनी की भी ली गई मदद
इतनी ज्यादा ऊंचाई पर किसी स्मार्टफोन को ले जाकर सुरक्षित तरीके से ड्रॉप टेस्ट करना आसान नहीं था। इस पूरे प्रयोग में RhinoShield को Sent Into Space नाम की एयरोस्पेस कंपनी की मदद मिली।
कंपनी ने iPhone 17 Pro को करीब 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचाने और वहां से ड्रॉप करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया। टेस्ट का उद्देश्य सिर्फ फोन की मजबूती जांचना नहीं था, बल्कि RhinoShield के केस की क्षमता को भी प्रदर्शित करना था।
जमीन पर गिरने के बाद भी चलता रहा फोन
iPhone 17 Pro के जमीन पर पहुंचने के बाद जो नतीजे सामने आए, वे काफी हैरान करने वाले थे। रिपोर्ट के अनुसार डिवाइस को गिरने के बाद भी ऑन और ऑफ किया जा सकता था। इतना ही नहीं, फोन से कॉल भी की जा सकती थी और कैमरे से फोटो भी क्लिक हो रही थीं।
सबसे खास बात यह रही कि डिवाइस के बाहरी हिस्से पर भी कोई बड़ी क्षति दिखाई नहीं दी। यानी 30,607 मीटर की ऊंचाई से गिरने के बावजूद फोन पूरी तरह से काम करने की स्थिति में पाया गया।
Guinness ने जांच के बाद माना रिकॉर्ड
इस टेस्ट को Guinness World Records में शामिल करने से पहले रिकॉर्ड संस्था की ओर से इसकी विस्तृत जांच की गई। Guinness की जज Juliet Dawson ने वीडियो सबूत, गवाहों के बयान और बरामद किए गए डिवाइस की जांच के बाद रिकॉर्ड की पुष्टि की।
Guinness World Records ने 26 अगस्त को इस उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर प्रमाणित किया। इसे मोबाइल फोन के सबसे ऊंचाई से किए गए ड्रॉप के रूप में दर्ज किया गया है। हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि यह प्रयोग फोन के साथ लगाए गए RhinoShield केस की मजबूती को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था।
iPhone की मजबूती से ज्यादा केस का टेस्ट
इस पूरे प्रयोग को सिर्फ iPhone 17 Pro की मजबूती के तौर पर देखना सही नहीं होगा, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य RhinoShield के केस की सुरक्षा क्षमता को साबित करना था। फिर भी इतनी ज्यादा ऊंचाई से गिरने के बाद फोन का काम करते रहना निश्चित तौर पर चौंकाने वाला है।
खास बात यह है कि फोन को पैराशूट के बिना गिराया गया और इसके बाद भी कैमरा, कॉलिंग और डिवाइस के बेसिक फंक्शन काम करते रहे। इस तरह iPhone 17 Pro और RhinoShield का यह एक्सपेरिमेंट स्मार्टफोन ड्रॉप टेस्ट की दुनिया में एक बेहद अनोखा रिकॉर्ड बन गया है।










