मध्य प्रदेश को आगामी दो से तीन वर्षों में दो चरणों में 1230 मेगावॉट विद्युत की अतिरिक्त उपलब्धता रहेगी, इस हेतु बिजली कंपनी के मुख्यालय जबलपुर में आरईसी ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को ट्रांसमिशन एसपीवी सौंपा।
इस परियोजना के तहत मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड के बंधौरा (सिंगरौली) पावर जनरेटिंग प्लांट से मध्यप्रदेश के हिस्से की 1230 मेगावॉट विद्युत निकासी के लिये ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार किया जाना है।
पारेषण अद्योसंरचना होगी विस्तारित
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता देवाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 1230 मेगावॉट विद्युत प्रदाय हेतु मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड से पॉवर परचेस अनुबंध किया था, उक्त हेतु मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड द्वारा 2X800 मेगावॉट क्षमता के पावर जनरेटिंग प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है।
उक्त पावर प्लांट से मध्यप्रदेश के हिस्से की 1230 मेगावॉट विद्युत निकासी हेतु नियामक आयोग के विनियमानुसार टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धा बोली प्रक्रिया के अंतर्गत पारेषण अद्योसंरचना के विस्तार हेतु मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी/एसटीयू से अनुरोध किया गया था, जिसके तहत शासन ने निविदा प्रक्रिया समन्वयक (बीपीसी) के लिये आरईसीपीडीसीएल (आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसलटेंसी लिमिटेड) को नियुक्त किया।
टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धा बोली (टीबीसीबी) में मेसर्स अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 2000 करोड़ रुपये की इस परियोजना को अन्य बिडर्स के मध्य न्यूनतम दर के आधार पर हासिल करने में सफलता प्राप्त की।
पारेषण सेवा अनुबंध हस्ताक्षरित
देवाशीष चक्रवर्ती ने जानकारी दी कि तमाम वैधानिक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी एवं मेसर्स अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के मध्य पारेषण सेवा अनुबंध (ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित हुये, जिसके तहत टीबीसीबी में 400 केवी, 220 केवी एवं 132 केवी की विभिन्न ट्रांसमिशन लाइनों सहित दो 400 केवी के सब-स्टेशन रीवा (सगरा) एवं अमरपाटन में स्थापित किये जाने है।