पीएम मोदी ने दी बिहार को 541 करोड़ रुपये की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार में 541 करोड़ रुपये लागत वाली सात परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें से चार जल आपूर्ति, दो सीवरेज ट्रीटमेंट और एक रिवरफ्रंट डेवलपमेंट से संबंधित परियोजनायें हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पटना नगर निगम में बेऊर और कर्मलीचक में नमामि गंगे के तहत निर्मित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। इसके अलावा सीवान नगर परिषद और छपरा नगर निगम में कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी योजना के तहत मुंगेर जलापूर्ति योजना एवं जमालपुर नगर परिषद में एएमआरयूटी के तहत जमालपुर जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया गया।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने नमामि गंगे के तहत बनायी जा रही मुजफ्फरपुर रिवरफ्रंट डेवलपमेंट स्कीम की आधारशिला रखी। इस परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर के तीन घाट विकसित किये जायेंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का ये कार्यक्रम, एक विशेष दिन पर हो रहा है। आज हम अभियंता दिवस मनाते हैं। ये दिन देश के महान इंजीनियर एम विश्वेश्वरैया जी की जन्म-जयंती का है, उन्हीं की स्मृति को समर्पित है।

उन्होंने कहा कि हमारे भारतीय इंजीनियरों ने हमारे देश के निर्माण में और दुनिया के निर्माण में भी अभूतपूर्व योगदान किया है। चाहे काम को लेकर समर्पण हो या बारीक नजर, भारतीय इंजीनियरों की दुनिया में एक अलग ही पहचान है। हमें गर्व है कि हमारे इंजीनियर देश के विकास को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार तो देश के विकास को नई ऊंचाई देने वाले लाखों इंजीनियर देता है। बिहार की धरती तो आविष्कार और इनोवेशन की पर्याय रही है। एक दौर ऐसा आया, जब बिहार में मूल सुविधाओं के निर्माण के बजाय, प्राथमिकताएं और प्रतिबद्धतताएं बदल गईं। राज्य में गवर्नेंस से फोकस ही हट गया। इसका परिणाम ये हुआ कि बिहार के गांव पिछड़ते गए और जो शहर कभी समृद्धि का प्रतीक थे, उनका इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड हो ही नहीं पाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सड़कें हो, गलियां हों, पीने का पानी हो, सीवरेज हो, ऐसी अनेक मूल समस्याओं को या तो टाल दिया गया या फिर जब भी इनसे जुड़े काम हुए वो घोटालों की भेंट चढ़ गए। जब शासन पर स्वार्थनीति हावी हो जाती है, वोटबैंक का तंत्र सिस्टम को दबाने लगता है, तो सबसे ज्यादा असर समाज के उस वर्ग को पड़ता है, जो प्रताडि़त है, वंचित है, शोषित है। बिहार के लोगों ने इस दर्द को दशकों तक सहा है।

शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते डेढ़ दशक से नीतीश जी, सुशील जी और उनकी टीम समाज के सबसे कमजोर वर्ग के आत्मविश्वास को लौटाने का प्रयास कर रही है। जिस प्रकार बेटियों की पढ़ाई को, पंचायती राज सहित स्थानीय निकाय में वंचित, शोषित समाज की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, उससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब केंद्र और बिहार सरकार के साझा प्रयासों से बिहार के शहरों में पीने के पानी और सीवर जैसी मूल सुविधाओं में निरंतर सुधार हो रहा है। मिशन अमृत और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत बीते 4-5 सालों में बिहार के शहरी क्षेत्र में लाखों परिवारों को पानी की सुविधा से जोड़ा गया है।

उन्होनें कहा कि बीते 1 साल में, जल जीवन मिशन के तहत पूरे देश में 2 करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। आज देश में हर दिन 1 लाख से ज्यादा घरों को पाइप से पानी के नए कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है। स्वच्छ पानी, न सिर्फ जीवन बेहतर बनाता है बल्कि अनेक गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।