Friday, April 24, 2026
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बिजली कंपनी प्रबंधन मौन- भविष्य में विद्युत तंत्र संभालेगा कौन?

मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में मैनपावर की लगातार कमी होती जा रही है। जिस अनुपात में नियमित कर्मचारी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, उस अनुपात में नियमित कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा रही हैं। बिजली कंपनियों का प्रबंधन भी मैदानी सच्चाई जानता है, मगर उसका मौन समझ से परे है, लेकिन इससे एक प्रश्न कौंध रहा है कि भविष्य में विद्युत तंत्र कौन संभालेगा? क्या ये निजीकरण की तैयारी हैं।

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती बिजली कंपनियों के प्रबंधन के द्वारा नए-नए सब-स्टेशनों एवं लाइनों का निर्माण संपूर्ण प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। लेकिन निर्माण के बाद इस विद्युत तंत्र के निर्बाध संचालन के लिए मैनपावर की भी जरूरत पड़ती है। वर्ष 2005 से लगातार अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आज के समय विद्युत कंपनियों में 50,000 से ज्यादा पद रिक्त हैं, लाइन में कार्य करने वाले नियमित कर्मचारियों के विरुद्ध आउटसोर्स कर्मचारियों को पदस्थ किया गया है जबकि नियमित कर्मचारियों की भर्ती होना था। वहीं ऊर्जा विभाग ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोई भी नीति नहीं बनाई। पिछले 20 वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारियों को करंट का जोखिमपूर्ण कार्य करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोई नीति नहीं होने और अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होने के कारण आउटसोर्स कर्मचारी के साथ दुर्घटना होने पर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं और कहते हैं कि वह हमारा कर्मचारी नहीं है, ठेकेदार का है। यह बड़ा ही चिंता का विषय है, आज की स्थिति में नियमित कर्मचारियों की संख्या केवल 20 प्रतिशत बची है सभी बिजली कंपनियां आउटसोर्स कर्मचारियों के ऊपर निर्भर हो गई हैं।

संघ के शंभूनाथ सिंह, राम केवल यादव, असलम खान, केएन लोखंडे, शशि उपाध्याय, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, लखन सिंह राजपूत, दशरथ शर्मा, इंद्रपाल सिंह, विपतलाल विश्वकर्मा, अशोक पटेल, संदीप यादव, पवन यादव, पीएन मिश्रा, विनोद दास आदि ने मध्य प्रदेश शासन एवं ऊर्जा विभाग की सभी कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि अनुकंपा नियुक्ति पर लगी रोक को तत्काल हटाकर बचे हुए को अनुकंपा आश्रितों नियुक्ति दें एवं आउटसोर्स कर्मचारी जो पिछले 15 वर्षों से कार्य कर रहे हैं उन सभी का कंपनियों में विलियन कर नियमितीकरण किया जाए, इससे मैनपावर की कमी को पूरा किया जा सकता है और उपभोक्ता सेवा सही मायने में की जा सकेगी।

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