West Central Railway : जबलपुर, 23 अप्रैल। पश्चिम मध्य रेल द्वारा मल्टी-ट्रैकिंग एवं अधोसंरचना विकास कार्यों के साथ-साथ अनुरक्षण गतिविधियों के अंतर्गत ट्रैक पर विभिन्न रिन्यूअल कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से ट्रैक अनुरक्षण क्षेत्र में सभी नवीनीकरण कार्यों को प्राथमिकता एवं गति के साथ निष्पादित किया जा रहा है।
West Central Railway : ट्रैक नवीनीकरण के अंतर्गत विभिन्न महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों को व्यवस्थित रूप से शामिल किया गया है, जिनका उद्देश्य रेल पटरियों की मजबूती, स्थायित्व एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है। इन कार्यों में सी.टी.आर. (कम्पलीट ट्रैक रिन्यूअल) के माध्यम से पूरी ट्रैक संरचना का व्यापक नवीनीकरण किया जाता है, जबकि टी.आर.आर. (थ्रू रेल रिन्यूअल) के तहत पुरानी एवं घिसी हुई रेल पटरियों को बदलकर नई रेल लगाई जाती है।

West Central Railway : इसके अतिरिक्त टी.एस.आर. (थ्रू स्लीपर रिन्यूअल) के जरिए जर्जर स्लीपरों को प्रतिस्थापित किया जाता है, जिससे ट्रैक की स्थिरता और भार वहन क्षमता में वृद्धि होती है। टी.टी.आर. (थ्रू टर्न आउट रिन्यूअल) के अंतर्गत प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग जैसे जटिल हिस्सों का नवीनीकरण किया जाता है, जो ट्रेन संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
West Central Railway : डीप स्क्रीनिंग एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत रेलवे ट्रैक के नीचे बिछे बैलेस्ट (पत्थरों) की गहराई तक सफाई की जाती है और उन्हें पुनः व्यवस्थित किया जाता है। समय के साथ बैलेस्ट में धूल, मिट्टी एवं अन्य अवांछित कण भर जाते हैं, जिससे जल निकासी प्रभावित होती है और ट्रैक की स्थिरता कमजोर पड़ सकती है।
West Central Railway : डीप स्क्रीनिंग के माध्यम से इन अशुद्धियों को हटाकर बैलेस्ट की गुणवत्ता को पुनः बहाल किया जाता है, जिससे पानी का निकास सुचारु रूप से होता है और ट्रैक की मजबूती बनी रहती है।
West Central Railway : इन सभी नवीनीकरण एवं रखरखाव कार्यों के समन्वित और सुनियोजित निष्पादन से रेलवे ट्रैक की समग्र गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। इसके परिणामस्वरूप न केवल ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम बनता है, बल्कि ट्रैक की आयु भी बढ़ती है और रखरखाव की आवश्यकता में कमी आती है, जिससे रेलवे की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता दोनों में वृद्धि सुनिश्चित होती है।












