Monday, June 15, 2026
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WCR : रेल संरक्षा आयुक्त ने श्यामपुर–कुरावर नवनिर्मित रेललाइन का किया निरीक्षण

WCR : जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल की भोपाल-रामगंज मंडी नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत श्यामपुर–कुरावर के 13.70 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का 12 जून 2026 को मध्य वृत्त के रेल संरक्षा आयुक्त  गुरु प्रकाश ने कमीशनिंग निरीक्षण किया। इस दौरान रेलखंड पर सुरक्षा मानकों, तकनीकी व्यवस्थाओं और परिचालन तैयारियों का गहन परीक्षण किया गया, जो इस महत्वपूर्ण परियोजना के संचालन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान सीआरएस द्वारा श्यामपुर–कुरावर रेलखंड की संरक्षा, तकनीकी गुणवत्ता तथा यात्री एवं मालगाड़ी संचालन के लिए उसकी उपयुक्तता सुनिश्चित की गई। साथ ही मोटर ट्राली द्वारा संरक्षा एवं तकनीकी मानकों का गहन परीक्षण किया गया। इस दौरान ट्रैक, पुलों, समपार फाटकों, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली सहित अन्य रेलवे अवसंरचनाओं का भी निरीक्षण किया।

WCR : श्यामपुर–कुरावर सेक्शन की कुल दूरी 13.70 किलोमीटर है। सीआरएस गुरू प्रकाश ने इस नवनिर्मित रेललाइन पर ट्रायल से पूर्व श्यामपुर एवं कुरावर स्टेशन यार्ड का विधिवत परीक्षण किया। इसके बाद, सीआरएस ने श्यामपुर–कुरावर सेक्शन में अधिकतम 120 किमी/घंटा की गति से सफल स्पीड ट्रायल किया।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के 276 किमी के अंतर्गत कुल 27 स्टेशन में से निशातपुरा डी केबिन से व्यावरा तक 111 किलोमीटर का रेलखंड भोपाल के अधीन आता है, शेष रामगंजमंडी से नरसिंहपुर तक 165 किलोमीटर का खंड कोटा मंडल के अधीन आता है। जिसमें भोपाल मंडल में निशातपुरा डी केबिन से कुरावर तक सीआरएस निरीक्षण के साथ कुल 56 किलोमीटर का कार्य पूरा हो गया है शेष खंड सोनकच्छ-नरसिंहगढ़ एवं ब्यावरा-सोनकच्छ वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा करने का लक्ष्य है।

भोपाल-रामगंज मंडी नई लाइन परियोजना की मुख्य विशेषताएं-

1) इस परियोजना में मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य शामिल हैं एवं 5 जिले – भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा इससे जुड़े हुए हैं।
2) यह लाइन माल और यात्री परिवहन दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जिससे रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा समय में 3 घंटे की बचत होगी।
3) ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग के बजाय यह नया मार्ग 42 किमी छोटा होगा, जिससे ईंधन और समय की बचत होगी।
4) भोपाल मंडल में 111 किमी रेल लाइन और 12 स्टेशनों के निर्माण के लिए ₹1,255 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

इस निरीक्षण के दौरान डीआरएम पंकज त्यागी, बघेल, मुख्य परियोजना प्रबंधक पंकज स्वाइन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण  एम. एस. हाशमी, उप मुख्य अभियंता (निर्माण)  मो. वसीम सहित संबंधित विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

इस रेल परियोजना से भोपाल और कोटा मंडल के विभिन्न स्टेशनों के बीच सीधी और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी संभव होगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि माल परिवहन में भी दक्षता आएगी।

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