राजधानी भोपाल से राजस्थान के कोटा तक यात्रा करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एक नया एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने की घोषणा की है।
फिलहाल भोपाल से कोटा तक राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के जरिए सफर करने में करीब 9 घंटे का समय लगता है। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग 4 से 5 घंटे में तय की जा सकेगी।
करीब 300 किमी लंबा होगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किया जाएगा। लगभग 300 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रस्तावित मार्ग कोटा से शुरू होकर सागर और विदिशा होते हुए भोपाल के बाहरी हिस्से तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे भोपाल बायपास से जोड़ा जाएगा, ताकि शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव न बढ़े।
शहर के बाहर तक ही सीमित रहेगा प्रोजेक्ट
इस एक्सप्रेसवे को भोपाल शहर के अंदर नहीं लाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि शहर में पहले से कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं, ऐसे में एक्सप्रेसवे को बाहरी क्षेत्र तक सीमित रखना भविष्य के शहरी विस्तार के लिहाज से बेहतर होगा।
दूरी और ईंधन दोनों की बचत
अभी कोटा से विदिशा की दूरी करीब 350 किलोमीटर है, जो इस नए मार्ग के बाद घटकर लगभग 275 किलोमीटर रह सकती है। सागर की दूरी भी करीब 225 किलोमीटर तक सिमटने की संभावना है। इससे न सिर्फ यात्रा समय कम होगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
शुरुआती चरण में है योजना
फिलहाल परियोजना प्रारंभिक चरण में है। पहले ट्रैफिक स्टडी और फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाकर इसे वार्षिक योजना में शामिल किया जाएगा। प्रस्ताव है कि यह पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज होगी।
स्थानीय निवासी नितेश कुमार मेहरा का कहना है कि घोषणा सराहनीय है, लेकिन समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है। यदि परियोजना तय समय में पूरी होती है, तो भोपाल, कोटा और जयपुर के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।











