Sportsmanship : जबलपुर, 1 मई । ‘’खेल भावना, नियम, अनुशासन, समय की पाबंदी, आपसी सहयोग, परस्पर मित्रवत् व्यवहार और प्रशिक्षकों के प्रति सम्मान’’ के पालन की शपथ के साथ आज एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वावधान में 31 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर पाण्डुताल मैदान में औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गया।
Sportsmanship :शिविर का उद्घाटन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक व केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव एफके मेश्राम ने किया। इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारी महेश चंद बालोधी, आलोक श्रीवास्तव, देवेन्द्र चढ़ोकर, दीपक निगम, विभिन्न खेलों के प्रभारी, प्रशिक्षक और शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागी उपस्थित थे।

Sportsmanship : साथ ही यह मंच बच्चों को अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर प्रदान करता है। मेश्राम ने यह भी जोर देकर कहा कि खेल के माध्यम से न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ती है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास भी मजबूत होता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को पूरे उत्साह और समर्पण के साथ प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह शिविर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
Sportsmanship : प्रशिक्षण शिविर में केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के वरिष्ठ खिलाड़ियों तथा अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे प्रतिभागी बच्चों को उच्चस्तरीय मार्गदर्शन और व्यवस्थित प्रशिक्षण प्राप्त हो सके। ये प्रशिक्षक अपने वर्षों के अनुभव, तकनीकी ज्ञान और खेल के प्रति समर्पण के माध्यम से बच्चों को न केवल खेल की बारीकियों से परिचित कराएंगे, बल्कि उन्हें सही तकनीक, फिटनेस, रणनीति और अनुशासन का भी पाठ पढ़ाएंगे। उनके मार्गदर्शन में बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचानने, उसे निखारने और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर खुद को तैयार करने में सक्षम बनेंगे। इस प्रकार यह शिविर प्रतिभागियों के कौशल विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, टीम भावना और समग्र व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Sportsmanship : इस दौरान बच्चों को खेल भावना, अनुशासन और प्रशिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की शपथ वरिष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी अनिल शर्मा ने दिलाई, जिससे उनमें सकारात्मक सोच और खेल के प्रति समर्पण की भावना विकसित हो। कार्यक्रम का संचालन जयंत वामन खारपाटे ने प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से किया, जिसने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखा। यह शिविर न केवल बच्चों को खेल कौशल में निपुण बनाएगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।












