Homeखास खबरभारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन का बड़ा एक्शन

भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन का बड़ा एक्शन

फर्जी आईडी पर सख्ती, आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य; ऑनलाइन टिकट बुकिंग हुई और सुरक्षित नई दिल्ली से बड़ी खबर है। आईआरसीटीसी ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम बदलाव लागू किए हैं। इन कदमों का उद्देश्य फर्जी प्रोफाइल और एजेंटों की मनमानी पर रोक लगाना है, ताकि वास्तविक यात्रियों को तत्काल और एडवांस बुकिंग में राहत मिल सके।

करोड़ों संदिग्ध आईडी ब्लॉक

वर्ष 2025 में आईआरसीटीसी ने 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी ब्लॉक कीं, जबकि 4.86 करोड़ यूजर आईडी की दोबारा जांच की गई। इसके अलावा 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन भी ब्लॉक किए गए।

अब केवल आधार से वेरिफाइड यूजर ही तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे। एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन की बुकिंग भी सिर्फ आधार वेरिफाइड खातों के लिए ही खुली रहेगी। इस फैसले से फर्जी अकाउंट के जरिए पहले से टिकट बुक करने की समस्या में काफी कमी आई है।

वेबसाइट और ऐप में बड़ा बदलाव

आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट IRCTC और ‘IRCTC Rail Connect’ ऐप के यूजर इंटरफेस को नया और सरल बनाया गया है।

  • लॉगिन पर कैप्चा हटा दिया गया है

  • मेन्यू को ज्यादा सहज बनाया गया है

  • फॉर्म भरना आसान किया गया है

  • ट्रेन लिस्ट अब प्रस्थान समय के अनुसार सॉर्ट होती है

  • फिल्टर दिखाने और छिपाने का विकल्प जोड़ा गया है

इन सुधारों से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक तेज और उपयोगकर्ता अनुकूल हो गई है।

एंटी-बॉट सिस्टम से बढ़ी सुरक्षा

तकनीकी स्तर पर भी आईआरसीटीसी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) के जरिए सर्वर लोड कम किया गया है। साथ ही एडवांस्ड एंटी-बॉट तकनीक लागू कर ऑटोमेटेड हमलों पर रोक लगाई जा रही है।

2025 में 3.99 लाख संदिग्ध पीएनआर से जुड़ी शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज की गईं, जिनमें से 376 मामलों में औपचारिक शिकायत दर्ज हुई।

आईआरसीटीसी के ये सभी कदम ‘यात्री पहले’ नीति के तहत उठाए गए हैं। फर्जी यूजर आईडी हटाने, आधार वेरिफिकेशन और एंटी-बॉट सिस्टम के जरिए अब तत्काल और एडवांस टिकट बुकिंग अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी हो गई है। इसका सीधा फायदा वास्तविक यात्रियों को मिल रहा है।

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