जबलपुर। एमपी के जबलपुर में मटर की फसल का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। मंडी में रोजाना 5 से 10 हजार बोरी मटर पहुंच रही है। इस बीच किसानों को मटर भरने के लिए बोरियों के नाम पर ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि 7 से 8 रुपए में मिलने वाली बोरी बाजार में 25 रुपए प्रति नग तक बेची जा रही है।
किसानों के अनुसार मटर भरने के लिए बोरियां महंगे दाम पर मिल रही हैं। सामान्य रूप से 7 से 8 रुपए की बोरी अब 25 रुपए में बिक रही है। मजबूरी में किसानों को इसी कीमत पर बोरियां खरीदनी पड़ रही हैं। किसानों का कहना है कि जिन व्यापारियों से वे बोरियां खरीद रहे हैं, वे केवल नकद भुगतान ही ले रहे हैं। किसानों के कहने के बाद भी ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि बोरी खरीदने पर व्यापारी किसी प्रकार का बिल नहीं दे रहे हैं। इसके कारण खरीद का कोई रिकॉर्ड नहीं बन पा रहा है और बोरी की बिक्री का हिसाब भी दर्ज नहीं हो रहा है। किसानों के अनुसार मटर की खेती में लागत लगातार बढ़ रही है। तुड़ाई के लिए मजदूरों को 4 से 5 रुपए प्रति बोरी देना पड़ रहा है। इसके अलावा करीब 3000 से 4000 रुपए तक मंडी तक परिवहन का भाड़ा देना पड़ रहा है।
मंडी में मुद्दत और पल्लेदारी के नाम पर भी कटौती की जा रही है। किसानों ने अपनी समस्या कृषि विभाग के अधिकारियों को बताई है। इस पर कृषि विभाग का कहना है कि यदि किसानों की ओर से औपचारिक शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसान महंगी बोरियां खरीदने को मजबूर हैं।











