नई दिल्ली। United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, लेकिन भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई तत्काल फैसला नहीं लिया गया है। सरकारी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमत 99.75 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 119.5 डॉलर तक पहुंच गई, जो अगस्त 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार गई। हालांकि शाम तक कीमतें घटकर करीब 102.22 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थीं। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
महंगाई पर सीमित असर की उम्मीद
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लोकसभा में बताया कि फिलहाल तेल की बढ़ती कीमतों का महंगाई पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
Reserve Bank of India (RBI) की अक्टूबर 2025 की मॉनेटरी पॉलिसी रिपोर्ट के अनुसार, अगर कच्चा तेल बेसलाइन से 10% महंगा होता है और उसका पूरा असर घरेलू कीमतों में आता है, तो महंगाई में केवल 0.3% (30 बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्यम अवधि में असर कई कारकों पर निर्भर करेगा, जैसे रुपये की कीमत, वैश्विक मांग-आपूर्ति, मौद्रिक नीति और मौजूदा महंगाई की स्थिति।
सरकारी तेल कंपनियों की मजबूत स्थिति
सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited फिलहाल मजबूत वित्तीय स्थिति में हैं।
इन तीनों कंपनियों का FY26 के पहले नौ महीनों में नेट प्रॉफिट 192% बढ़कर 57,810 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 19,768 करोड़ रुपये था। यही वजह है कि कंपनियां फिलहाल पंप पर कीमतें स्थिर रखने की स्थिति में हैं।
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के मौजूदा दाम
जून 2022 में जब ब्रेंट क्रूड 123.58 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, तब दिल्ली में पेट्रोल ₹96.72 और डीजल ₹89.62 प्रति लीटर था।
इसके बाद मार्च 2024 में सरकार ने कीमतों में ₹2 की कटौती की, जिससे पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर हो गया।
30 अक्टूबर 2024 को मार्केटिंग कॉस्ट एडजस्टमेंट के कारण सिर्फ 5 पैसे की बढ़ोतरी हुई और फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है।
एक्साइज ड्यूटी से संतुलन बनाती है सरकार
सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में बदलाव करती रहती है।
8 अप्रैल 2025 को सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इससे सरकार को सालाना करीब ₹34,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है।
फिलहाल पेट्रोल पर SAED ₹13 और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर है। इससे पहले नवंबर 2021 और मई 2022 में एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल ₹13 और डीजल ₹16 प्रति लीटर सस्ता किया गया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे से बढ़ सकती है चिंता
ऊर्जा विशेषज्ञ Jim Burkhard (S&P ग्लोबल एनर्जी) का कहना है कि अगर युद्ध के कारण Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो यह इतिहास का सबसे बड़ा तेल आपूर्ति संकट बन सकता है।
शुरुआत में ऊर्जा ढांचे को नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन अब Saudi Arabia और Qatar की ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों से बाजार में चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं और सरकार कोशिश कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल का असर आम उपभोक्ताओं पर कम से कम पड़े।











