Saturday, June 6, 2026
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इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के विरोध में बिजली कर्मियों का आक्रोश सड़क पर

मध्यप्रदेश सहित देशभर में बिजली कर्मी नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी फॉर पावर इंप्लाईज एवं इंजीनियर्स के आह्वान पर मध्य प्रदेश विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा में शामिल मध्यप्रदेश के समस्त बिजली कर्मियों के संगठन इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 के विरोध में सड़कों पर उतरे एवं ऊर्जा परिसर पोलो ग्राउंड के गेट नंबर 2 पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए इस बिल को बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदनी पड़ सकती है।

इस संबंध में मध्य प्रदेश पत्रोपाधि अभियंता संघ के महासचिव जी के वैष्णव ने बताया कि यह बिल न केवल उनकी नौकरियों को खतरे में डाल रहा है, बल्कि आम जनता के सस्ते और सुरक्षित बिजली अधिकार को भी प्रभावित करेगा।

उनका आरोप है कि सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश कर रही है, जिससे बिजली की कीमतें बढ़ेंगी और गरीब लोगों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान होगा साथ ही बिजली पेंशनर्स कर्मचारियों के पेंशन पर भी ख़तरा उत्पन्न करने वाला है।

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार द्विवेदी ने सरकार की नीतियों की कठोर आलोचना करते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निजीकरण की दिशा में उठाए जाने वाला यह कदम बिजली के क्षेत्र में कार्यरत लाखों कर्मचारियों, बेरोजगार नौजवानों, आम बिजली उपभोक्ताओं एवं किसानों के हितों पर घातक प्रहार है और जो सरकार जन समर्थन के बल पर सत्ता में दशकों से मौजूद है वह सरकार अब कार्पोरेटर्स के दबाव में जन विरोधी बनती दिखाई दे रही है।

बिजली कर्मियों ने सरकार से मांग किया है कि इस बिल को तुरंत वापस लिया जाए और बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाकर बिना किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे इस जनविरोधी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल को सदन में पारित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए, उनका कहना है कि वे इस बिल के विरोध में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर देशव्यापी हड़ताल करेंगे।

बिजली कर्मियों की प्रमुख मांगें:

– इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 को वापस लिया जाए

– बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाया जाए।

– गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए

– बिजली जैसे तकनीकी एवं संवेदनशील क्षेत्र में संविदा एवं आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पर रोक लगाकर कार्यरत समस्त कर्मचारियों को नियमित किया जावे।

– बिजली क्षेत्र के समस्त पेंशनर्स कर्मचारियों को ट्रेज़री से पेंशन की गारंटी दी जावे।

उक्त सांकेतिक धरना प्रदर्शन में संयुक्त मोर्चा के संयोजक जी के वैष्णव, पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीएल मकवाना, सचिव सुदर्शन जटाले, के के तिवारी, तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार द्विवेदी, संगठन मंत्री असलम खान, जनता यूनियन के अध्यक्ष संजय विधानी, मध्य प्रदेश विद्युत मंडल बिजली कर्मचारी संघ के महामंत्री सुशील शर्मा, गणेश जेठा, आरक्षित वर्ग कर्मचारी संघ के मुकेश मेहना सहित अन्य संगठनों के तमाम प्रतिनिधि एवं बिजली कर्मी शामिल रहे।

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