New impetus to urban development : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरीकरण की बढ़ती जरुरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं। द्वारका नगरी योजना भी उसी दिशा में उठाया गया एक बढ़ा कदम है। द्वारका योजना शहरों के विकास की नई रुपरेखा लिखेगी।
New impetus to urban development : यह हमारे शहरों को सुनियोजित, सुविधा सम्पन्न और भावी जरूरतों के मुताबिक आधुनिक बनाने के सरकार के संकल्प की पूर्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में cऔर सु-व्यस्थित विकास को नई गति मिलेगी।

New impetus to urban development : नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर परिवेश, पक्के आवास, मजबूत आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण जीवन मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के शहरी स्वरूप को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
New impetus to urban development : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय में द्वारका नगरी योजना के नियमों और प्रकिया के बारे में विभागीय प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया।
New impetus to urban development : उन्होंने योजना के सभी नियमों एवं उपबंधों की जानकारी लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के क्रियान्वयन में समयबद्धता, पारदर्शिता और विकास-निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। योजना से नगरीय क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ ही नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी किया जाए।

New impetus to urban development : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस योजना में प्रदेश के नगरीय निकायों से प्राप्त किये जाने वाले प्रस्तावों में शहर की प्रमुख सड़कों का विकास एवं मरम्मत, शहर की समुचित साफ-सफाई, जन-सुविधा विकास-विस्तार से संबंधित कार्यों को तवज्जो दी जाये। साथ ही शहर में गौशाला निर्माण और मुक्तिधाम निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता से शामिल किया जाये।
New impetus to urban development : उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों में “द्वारका नगरी योजना” वित्त वर्ष 2026-27 से वर्ष 2028-29 कुल 3 वर्षों के लिए मंजूर की गई है। योजना में 2201.20 करोड रुपए अनुदान (शून्य प्रतिशत ब्याज पर राज्य शासन द्वारा ऋण) एवं 2798.80 करोड रुपए ऋण (वित्तीय संस्थाओं द्वारा) सहित कुल 5000 करोड रुपए उपलब्ध कराये जायेंगे।
New impetus to urban development : अनुदान के रूप में ली गई ऋण राशि 2201.20 करोड रुपए का पुनर्भुगतान विभाग द्वारा 25 वर्ष बाद 5 समान वार्षिक किश्तों में किया जाएगा।
New impetus to urban development : नगरीय निकायों द्वारा लिये जाने वाले ऋण एवं इस पर लगने वाले ब्याज का पुनर्भुगतान राज्य शासन एवं निकायों द्वारा 20 वर्षों में राज्य शासन के मुद्रांक शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि से किया जाएगा।
New impetus to urban development : साथ ही शहर की मास्टर प्लान की सडकों को पीपीपी मोड पर किया जा सकेगा। इसमें मेट्रोपालिटन रीजन को ध्यान में रखते हुए कार्य कराये जा सकेंगे। केन्द्र सरकार की प्रोत्साहन आधारित योजना ‘अर्बन चैलेंज फण्ड’ की गैप फंडिंग द्वारका नगरी योजना से की जा सकेगी।

New impetus to urban development : योजना प्रस्तुतिकरण बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, वित्त सचिव लोकेश जाटव, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्या है द्वारका नगरी योजना











