WCR : जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने शनिवार 09 मई 2026 को जबलपुर से कटनी रेलखंड का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य रेल परिचालन की सुरक्षा, ट्रैक संरक्षा, सिग्नलिंग व्यवस्था तथा यात्री एवं मालगाड़ी संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन करना था।
WCR : महाप्रबंधक ने जबलपुर से कटनी तक यात्रा के दौरान रेल पथ, सिग्नल प्रणाली, संरक्षा उपकरणों तथा ट्रैक अनुरक्षण कार्यों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। कटनी पहुंचने पर उन्होंने डिपार्चर यार्ड, आरओएच डिपो, व्हील केयर यूनिट, टीआरएस शेड एवं डीजल शेड का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

WCR : इस अवसर पर महाप्रबंधक द्वारा रेलवे कर्मचारियों के लिए निर्मित टाइप-4 रेलवे क्वार्टर का उद्घाटन भी किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को संरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
WCR :महाप्रबंधक ने कटंगी से न्यू मझगवां फाटक तक ग्रेड सेपरेटर कार्य का भी औचक निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य समयबद्ध एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

WCR :वापसी यात्रा के दौरान महाप्रबंधक ने न्यू मझगवां फाटक से जबलपुर तक पुनः निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नल एवं दूरसंचार व्यवस्था, संरक्षा मानकों तथा रेल संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान जबलपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा सहित मुख्यालय एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

West Central Railway द्वारा रेल संरक्षा, अधोसंरचना विकास और बेहतर रेल संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग का कार्य किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ट्रैक, सिग्नल सिस्टम, ओवरहेड उपकरण, स्टेशन परिसरों और रेल संचालन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा मानकों को और मजबूत बना रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर फील्ड निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकों के उपयोग, रखरखाव कार्यों में तेजी और अधोसंरचना के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे रेल संचालन की गुणवत्ता में लगातार सुधार सुनिश्चित हो सके।











