Thursday, May 21, 2026
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Jabalpur fire tragedy: मृत श्रमिक के परिवार को 48 घंटे के भीतर मिला PF, बीमा एवं पेंशन का सहारा

Jabalpur fire tragedy: सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में त्वरित कार्यवाही का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), जबलपुर ने विद्या राइस मिल के सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट में हुए भीषण अग्निकांड में मृत श्रमिक  दिलावर सिंह के परिवार को मात्र 48 घंटे के भीतर भविष्य निधि, बीमा एवं पेंशन संबंधी लाभ उपलब्ध कराए।
Jabalpur fire tragedy: सतना जिले के ग्राम तिघरा निवासी सिंह परिवार उस समय भावुक हो उठा, जब प्रवर्तन अधिकारी कमल कांत पाण्डेय स्वयं उनके निवास पहुंचे और दिवंगत श्रमिक की पत्नी रेनू सिंह को पीएफ, कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (ईडीएलआई) एवं पेंशन संबंधी अधिकार पत्र सौंपे। यह आर्थिक सहायता कठिन समय में परिवार एवं बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संबल सिद्ध होगी।
Jabalpur fire tragedy
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Jabalpur fire tragedy:घटना की सूचना मिलते ही ईपीएफओ अधिकारियों द्वारा मृतक श्रमिक के आश्रितों को समस्त देय लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई थी। नियोक्ता द्वारा ईपीएफ अंशदान नियमित रूप से जमा किए जाने के कारण सभी दावों का त्वरित निराकरण संभव हो सका तथा लाभ अत्यंत कम समय में स्वीकृत कर परिवार तक पहुंचाए गए।

कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा का लाभ प्राप्त होता है। 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए सभी पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ना एवं नियमित मासिक अंशदान जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

Jabalpur fire tragedy:ईपीएफओ अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता के अभाव में कई कर्मचारी एवं नियोक्ता सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। अधिनियम के तहत ईपीएफ अंशदान जमा न करना गंभीर एवं संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके लिए दीवानी एवं आपराधिक कार्यवाही, यहां तक कि कारावास का भी प्रावधान है।

दिवंगत दिलावर सिंह के मामले में नियोक्ता द्वारा नियमित अंशदान जमा किए जाने से ईपीएफओ मृतक के आश्रितों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में सफल रहा। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार का अनुपालन श्रमिकों एवं उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Jabalpur fire tragedy
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ईपीएफ योजना के अंतर्गत भविष्य निधि राशि एवं पेंशन के अतिरिक्त मृत सदस्य के जीवनसाथी को आजीवन मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। साथ ही दो बच्चों को 25 वर्ष की आयु तक पेंशन का प्रावधान है तथा निर्धारित शर्तों के अंतर्गत तीसरे बच्चे को भी लाभ दिया जा सकता है। इसके अलावा कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (ईडीएलआई) के तहत अधिकतम 7 लाख रुपये तक की बीमा राशि तथा संचित पीएफ राशि ब्याज सहित प्रदान की जाती है।क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, ईपीएफओ जबलपुर, के.सी. जोशी ने सभी नियोक्ताओं से अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत प्रत्येक पात्र कर्मचारी को ईपीएफ से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईपीएफ प्रावधानों का समयबद्ध पालन कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति पश्चात भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ दुर्घटना अथवा असामयिक मृत्यु जैसी परिस्थितियों में उनके परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि ईपीएफ अधिनियम का पालन श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है तथा इससे नियोक्ता भी कानूनी एवं दंडात्मक कार्यवाही से सुरक्षित रह सकते हैं। जोशी ने दोहराया कि ईपीएफओ अपने सदस्यों एवं अनुपालक संस्थानों को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

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